वह दिन दूर नहीं जब राशन दुकानों में मिलेगी शराब- कांग्रेस
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में नई आबकारी नीति के लागू होते ही सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा सरकार के हालिया फैसलों को लेकर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए उन पर 'शराब प्रेम' और राजस्व की भूख का आरोप लगाया है. कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि, होली और मुहर्रम जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण अवसरों पर शराब दुकानें खोलने का निर्णय सामाजिक मर्यादाओं के विपरीत है.
उन्होंने तर्क दिया कि बापू की पुण्यतिथि पर शुष्क दिवस घोषित करने का उद्देश्य समाज को नशामुक्ति का संदेश देना होता है, लेकिन सरकार के इस कदम ने गांधीवादी विचारधारा को ठेस पहुंचाई है. साथ ही, होली और मुहर्रम पर शराब की बिक्री से प्रदेश में शांति व्यवस्था भंग होने और उपद्रव बढ़ने की आशंका भी जताई गई है.
विपक्ष का आरोप है कि चुनाव से पूर्व प्रदेश की महिलाओं को शराबबंदी का भरोसा दिलाने वाली भाजपा अब अपने वादे से पूरी तरह मुकर गई है. कांग्रेस प्रवक्ता ने तंज कसते हुए कहा कि जो दल पहले गंगाजल और कलश लेकर शराब के खिलाफ आंदोलन करता था, वही अब ज्यादा से ज्यादा शराब बेचने की जुगत में लगा है.
नई नीति के तहत 102 अतिरिक्त शराब दुकानें खोलना, होटलों और ढाबों में बार लाइसेंस शुल्क में कटौती करना और 'मनपसंद ऐप' के जरिए ब्रांड्स का प्रचार करना सरकार के बढ़ते शराब प्रेम को दर्शाता है.
कांग्रेस ने आशंका जताई है कि जिस तरह से नियमों को शिथिल किया जा रहा है, वह दिन दूर नहीं जब राशन की दुकानों तक शराब पहुंच जाएगी. इसके अलावा, राज्य में बढ़ते नशा तस्करी और अपराधों का हवाला देते हुए मांग की गई है कि सरकार तत्काल अपने इस फैसले को वापस ले और पूर्व की भांति विशेष दिनों पर शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए.