भूपति का आत्मसमर्पण नक्सली विचारधारा पर निर्णायक प्रहार: CM साय
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को कहा कि पड़ोसी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में वरिष्ठ नक्सली भूपति और 60 अन्य कैडरों का आत्मसमर्पण नक्सल आंदोलन के लिए एक निर्णायक झटका है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद, जिसने देश की आंतरिक सुरक्षा को चुनौती दी थी, अब पतन के कगार पर है और समाप्ति के अपने अंतिम चरण में है.
वरिष्ठ नक्सली मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति उर्फ सोनू और 60 अन्य कैडरों ने मंगलवार को गढ़चिरौली में आत्मसमर्पण किया.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "नक्सलवाद, जिसने देश की आंतरिक सुरक्षा को चुनौती दी थी, अब हर मोर्चे पर ढह रहा है और अपने अंतिम चरण से गुज़र रहा है. गढ़चिरौली में कुख्यात माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ सोनू सहित 60 नक्सलियों का आत्मसमर्पण नक्सली विचारधारा पर एक निर्णायक प्रहार है." उन्होंने कहा, "हमारे बहादुर सुरक्षा बल अदम्य साहस के साथ दिन-रात यह लड़ाई लड़ रहे हैं और सफलता प्राप्त कर रहे हैं."
उन्होंने आगे कहा, "छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर, अब विकास और शांति की एक नई सुबह की ओर बढ़ रहा है, जिसका वर्षों से इंतज़ार था. जय हिंद!"
वेणुगोपाल राव, जिन्हें भूपति, सोनू और अभय जैसे उपनामों से भी जाना जाता है, और 60 अन्य कैडरों ने गढ़चिरौली में 54 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया, जिनमें सात एके-47 और नौ इंसास राइफलें शामिल हैं.