छत्तीसगढ़ में बच्ची का अपहरण और तांत्रिक हत्या
बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है, जहां सात साल की बच्ची लाली गोस्वामी का अपहरण कर तांत्रिक अनुष्ठान के लिए उसकी हत्या कर दी गई. पुलिस ने इस जघन्य अपराध में शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बच्ची के करीबी रिश्तेदार भी शामिल हैं.
मुंगेली के पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने बताया कि यह हत्या अंधविश्वास और धन की लालसा से प्रेरित थी. मुख्य आरोपी रितु गोस्वामी (36) ने अपने चचेरे भाई चिम्मन गिरी गोस्वामी (40), नरेंद्र मार्को (21), आकाश मरावी (21), और स्थानीय तांत्रिक रामरतन निषाद उर्फ "बैगा" (45) के साथ मिलकर इस अपराध को अंजाम दिया.
रितु ने स्वीकार किया कि उसने धन प्राप्ति के लिए "झारन पूजा" नामक तांत्रिक अनुष्ठान के तहत बच्ची की बलि देने की योजना बनाई थी.
11 अप्रैल की रात को कोसाबादी गांव में लाली अपनी मां के पास सो रही थी, जब उसका अपहरण किया गया.
उसे पास के श्मशान घाट ले जाया गया, जहां तांत्रिक अनुष्ठान के बाद उसकी चाकू से हत्या कर दी गई.
शव को सबूत मिटाने के लिए 100 मीटर दूर एक खेत में दफना दिया गया. पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथियार और अनुष्ठान सामग्री बरामद की है.
पुलिस को शुरुआत में कोई सुराग नहीं मिला, लेकिन 6 मई को स्थानीय लोगों ने श्मशान घाट के पास लाली के कंकाल अवशेष खोजे, जिसके बाद जांच तेज हुई. डीएनए परीक्षण से पुष्टि हुई कि अवशेष लाली के थे.
फोरेंसिक रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई, जिसमें बच्ची के शरीर पर कई चोटों के निशान थे. आठ विशेष पुलिस टीमों ने जांच की और नार्को-विश्लेषण, ब्रेन मैपिंग, और पॉलीग्राफ टेस्ट के जरिए सच सामने आया.
रितु ने कबूल किया कि उसने नरेंद्र को अपहरण के लिए पैसे दिए थे. रात 1 बजे लाली को काले कपड़े पहनाकर अनुष्ठान किया गया और फिर हत्या कर शव को दफनाया गया.
इस मामले ने कोसाबादी गांव को झकझोर दिया है. एक पड़ोसी की गवाही ने जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसने अपराध की रात को आरोपियों को बच्ची को श्मशान की ओर ले जाते देखा था. सभी पांचों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं.
एसपी भोजराम पटेल ने कहा, “यह केवल हत्या नहीं, बल्कि अंधविश्वास और पारिवारिक विश्वासघात का भयावह उदाहरण है, जो बच्चों की असुरक्षा को उजागर करता है.”