बालोद: पिता का कुल्हाड़ी से बेटे पर क्रूर प्रहार, हालत नाजुक
बालोद । डेस्क: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के डौंडी थाना अंतर्गत धोबनी आदिवासी गांव में एक पारिवारिक उत्सव ने रक्तरंजित त्रासदी का रूप ले लिया. फसल कटाई की सफलता का जश्न मना रही मुर्गा पार्टी अचानक हिंसा की भेंट चढ़ गई, जब गुस्सैल पिता ने मामूली झगड़े पर अपने लाड़ले बेटे को कुल्हाड़ी के वारों से लहुलुहान कर दिया. घायल युवक की जान पर बनी हुई है, जबकि आरोपी पिता को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.
घटना की जानकारी के मुताबिक, गांव के सुमन लाल दुग्गा के आवास पर धान की फसल की कटाई का कार्य समाप्त होने पर परिजनों ने उत्साहपूर्वक मुर्गा भोज का आयोजन किया था. हंसी-ठिठोली और स्वादिष्ट भोजन के बीच माहौल खुशी से सराबोर था, लेकिन जल्द ही यह सब उलट गया.
पिता सुमन लाल और उनके बेटे कोमल दुग्गा के बीच किसी छोटी-मोटी बात पर गरमागर्म बहस छिड़ गई. बातें बढ़ने पर सुमन लाल का क्रोध अनियंत्रित हो गया. उन्होंने घर में पड़ी कुल्हाड़ी को हाथ में थाम लिया और बिना सोचे-समझे बेटे पर कई प्रहार कर डाले.
कुल्हाड़ी के इन घातक वारों से कोमल को गर्दन व हाथों पर गहरी चोटें लगीं, जिससे वह खून से तरबतर होकर धरती पर ढेर हो गया. परिवार के सदस्यों ने फौरन हिम्मत जुटाई और घायल को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर प्रारंभिक इलाज कराया.
डॉक्टरों ने स्थिति को गंभीर बताते हुए उसे रायपुर के प्रसिद्ध महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (मेकाहारा) अस्पताल भेज दिया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सक उसकी जान बचाने में जुटे हैं. फिलहाल, कोमल की हालत चिंताजनक बनी हुई है.
इस दिल दहलाने वाली वारदात की खबर पाकर डौंडी पुलिस फुर्ती से मौके पर पहुंची. थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम ने सुमन लाल को बिना देरी गिरफ्तार कर लिया. प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया है.
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 (हत्या का प्रयास) के तहत मुकदमा कायम कर आरोपी को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. जांच अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल से कुल्हाड़ी बरामद कर ली गई है और परिवार के अन्य सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं.