हृदय रोग का हुआ सफल ऑपरेशन, अमीषा को मिला नया जीवन
रायपुर । संवाददाता: चिरायु योजना आज जरूरतमंद परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है. इस योजना ने न केवल बच्चों को नई जिंदगी दी है, बल्कि गरीब परिवारों के चेहरों पर फिर से मुस्कान भी लौटाई है. इसी कड़ी में चिरायु योजना ने दिल की बीमारी से जूझ रही किसान परिवार में जन्मी 11 वर्षीय अमीषा केरकेट्टा को नवजीवन देने का काम किया है.
मनोरा विकासखंड के छोटे से ग्राम ओरडीह की एक जनजातीय परिवार में जन्मी अमीषा केरकेट्टा अक्सर बीमार रहने लगी थी. उसके पिता अशोक केरकेट्टा, जो खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, बार-बार उसकी तबीयत बिगड़ने से चिंतित थे. जब अमीषा की जांच जिला चिकित्सालय जशपुर में चिरायु टीम द्वारा की गई, तो पता चला कि वह जन्म से ही हृदय रोग से पीड़ित है.
महंगे इलाज के खर्च की चिंता में डूबे परिजनों को चिकित्सकों ने चिरायु योजना के बारे में जानकारी दी. योजना के तहत अमीषा को शासकीय व्यय पर बेहतर उपचार के लिए श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, नया रायपुर भेजा गया. वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उसका सफल ऑपरेशन किया और कुछ ही समय में अमीषा पूरी तरह स्वस्थ हो गई.
आज 11 वर्ष की अमीषा न केवल स्वस्थ है, बल्कि पहले से अधिक उत्साह और ऊर्जा से भरी हुई है. परिजनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और डॉक्टरों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गरीब परिवारों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है.
उल्लेखनीय है कि चिरायु योजना (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है. इस योजना के तहत 0 से 18 साल तक के बच्चों में जन्मजात हृदय रोग, मोतियाबिंद, कटे-फटे होंठ, टेढ़े-मेढ़े हाथ पैर सहित 44 गंभीर बीमारियों का इलाज शासन द्वारा निःशुल्क कराया जाता है.
जांच के उपरांत इन बीमारियों तथा विकृति की जानकारी होने के बाद बच्चों का इलाज चिरायु योजना से होता है, जिसमें आवश्यकता पड़ने पर देश भर के अच्छे हॉस्पिटल में ले जाकर उपचार भी कराया जाता है. योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में जाकर बच्चों के संपूर्ण स्वास्थ्य की जांच की जाती है.