शनि, 17 अक्टू. 2026

CGKhabar

अंबिकापुर में अंगनवाड़ी केंद्रों की जर्जर स्थिति, बच्चों की उपस्थिति घटी

C

CG Khabar

10 सित. 2025, 05:15 PM 2 मिनट में पढ़ें 1

आंगनवाड़ी
आंगनवाड़ी

अंबिकापुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में पिछले तीन वर्षों में 70 नए अंगनवाड़ी केंद्र स्थापित किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद बच्चों की उपस्थिति में 14,157 की भारी कमी दर्ज की गई है. इसका मुख्य कारण केंद्रों की जर्जर इमारतें और अपर्याप्त सुविधाएं हैं, जिसके चलते माता-पिता अपने बच्चों को भेजने से कतराते हैं.


स्थानीय लोगों का कहना है कि कई अंगनवाड़ी केंद्रों में छतों से रिसाव और दीवारों का प्लास्टर उखड़ने की समस्या है, जो बच्चों के लिए असुरक्षित है. महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारियों ने भी स्वीकार किया कि खराब बुनियादी ढांचे के कारण उपस्थिति में कमी आई है.


अंगनवाड़ी केंद्र 0-6 वर्ष के बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हैं, लेकिन कई केंद्रों की स्थिति उपेक्षा के कारण खराब हो चुकी है. शिकायतों के बावजूद मरम्मत या उन्नयन में देरी की जा रही है. कुछ माता-पिताओं ने निर्माण और मरम्मत की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं.


केंद्र सरकार ने अंगनवाड़ी केंद्रों को प्राथमिक स्कूलों के साथ सह-स्थापित करने की योजना शुरू की है, लेकिन स्थानीय महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय के पास बुनियादी ढांचे की स्थिति की जानकारी तक नहीं है. 


स्थानीय मीडिया के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में अंगनवाड़ी केंद्र अस्थायी संरचनाओं, जैसे दुर्गा पंडालों, से संचालित हो रहे हैं. 


लखनपुर ब्लॉक में एक केंद्र में बच्चों की अनुपस्थिति के बावजूद उपस्थिति रजिस्टर में पूर्ण उपस्थिति दर्ज की गई, जिससे रिकॉर्ड की सटीकता पर सवाल उठ रहे हैं.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP