छत्तीसगढ़: 'नंद घर' में बच्चों के लिए शुरू AI-आधारित एनीमिया स्क्रीनिंग
रायपुर । संवाददाता: वेदांत समूह की सामाजिक पहल 'नंद घर' ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा के अपने स्मार्ट आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए एक अत्याधुनिक एनीमिया स्क्रीनिंग कार्यक्रम की शुरुआत की है. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के उन आंकड़ों को देखते हुए, जिनमें भारत के 67% से अधिक बच्चों को एनीमिया से प्रभावित बताया गया है, यह पहल जमीनी स्तर पर इस स्वास्थ्य चुनौती से निपटने का प्रयास कर रही है.
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता इसका non-invasive होना है. इसमें बिना सुई चुभाए, 'ब्लडलेस' तकनीक और एआई-सक्षम उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे 2 से 6 वर्ष के बच्चों को बिना किसी दर्द या डर के जांच की सुविधा मिल रही है.
एआई टूल्स की मदद से बच्चों के स्वास्थ्य डेटा का रीयल-टाइम ट्रैक रखा जाता है, ताकि जोखिम की पहचान होते ही उन्हें तुरंत उपचार के लिए सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली के पास भेजा जा सके.
नंद घर के सीईओ शशि अरोड़ा ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य विशेष जांच शिविरों को सीधे वंचित समुदायों तक पहुंचाना है ताकि शुरुआती पहचान को एक सामान्य प्रक्रिया बनाया जा सके.
पहले चरण में छत्तीसगढ़ के 262 और ओडिशा के 531 नंद घरों को इसमें शामिल किया गया है.
वेदांत एल्युमीनियम के सीईओ राजीव कुमार ने इस पर जोर देते हुए कहा कि औद्योगिक प्रगति और सामुदायिक कल्याण साथ-साथ चलते हैं. यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के 'एनीमिया मुक्त भारत' और 'पोषण 2.0' मिशन के साथ तालमेल बिठाते हुए पोषण परामर्श और व्यवहार परिवर्तन पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है.
गौरतलब है कि यह मशीन ऑप्टिकल एब्जॉर्प्शन स्पेक्ट्रोस्कोपी (Optical Absorption Spectroscopy) के सिद्धांत पर काम करती है. इसमें सेंसर के माध्यम से त्वचा की सतह पर एक विशेष तरंग दैर्ध्य (wavelength) वाली रोशनी डाली जाती है. यह रोशनी रक्त में मौजूद हीमोग्लोबिन के साथ प्रतिक्रिया करती है, जिससे मशीन बिना खून की बूंद निकाले हीमोग्लोबिन के स्तर को माप लेती है.
इसके बाद, इसमें लगा एआई एल्गोरिदम प्राप्त डेटा का विश्लेषण करता है और तुरंत सटीक परिणाम देता है. यह पूरी प्रक्रिया सुई-मुक्त और दर्द रहित होती है, जिससे बच्चों की स्क्रीनिंग करना बेहद आसान और सुरक्षित हो जाता है.