छत्तीसगढ़: 700 असिस्टेंट प्रोफेसरों की होगी भर्ती
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और प्रशासनिक कामकाज में सुधार के लिए कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी है. सरकार के इस कदम से कॉलेजों में लंबे समय से चली आ रही शिक्षकों की कमी दूर होगी और शैक्षणिक स्तर में सुधार आएगा. इस फैसले के तहत राज्य के सरकारी कॉलेजों में 700 असिस्टेंट प्रोफेसरों की सीधी भर्ती की जाएगी. इसके साथ ही, उच्च शिक्षण संस्थानों में बेहतर प्रशासनिक नेतृत्व सुनिश्चित करने के लिए नियमित प्राचार्यों (प्रिसिंपल) की नियुक्ति का भी मार्ग प्रशस्त हो गया है.
युवाओं के लिए बड़ा मौका, सुधरेगा छात्र-शिक्षक अनुपात
राज्य के कई सरकारी कॉलेज पिछले काफी समय से स्थायी शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं. इन संस्थानों में शिक्षण व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए अतिथि शिक्षकों (गेस्ट लेक्चरर) और वैकल्पिक व्यवस्थाओं का सहारा लेना पड़ रहा था. सरकार की इस नई भर्ती योजना से न केवल युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, बल्कि कॉलेजों में छात्र और शिक्षक का अनुपात भी बेहतर होगा, जिससे सीधे तौर पर पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार आएगा.
प्रभारी व्यवस्था से मुक्ति, कॉलेजों को मिलेंगे नियमित प्राचार्य
शिक्षकों की भर्ती के साथ ही सरकार ने कॉलेजों में लंबे समय से चल रही प्रभारी प्राचार्यों की व्यवस्था को खत्म करने का निर्णय लिया है. वर्तमान में कई कॉलेज अतिरिक्त प्रभार या कार्यवाहक प्राचार्यों के भरोसे चल रहे थे, जिससे दीर्घकालिक योजनाओं और प्रशासनिक निर्णयों में दिक्कतें आ रही थीं. अब नियमित प्राचार्यों की नियुक्ति से कॉलेजों का प्रशासनिक ढांचा मजबूत होगा और संस्थागत गवर्नेंस में सुधार देखने को मिलेगा.
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) का दायरा बढ़ेगा
इस प्रशासनिक फेरबदल के साथ छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के दायरे को और बढ़ाने का फैसला किया है. इसके तहत कॉलेजों में अब धीरे-धीरे मल्टीडिसीप्लिनरी लर्निंग (बहुविषयक शिक्षा), कौशल विकास, रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम, क्रेडिट सिस्टम और पढ़ाई में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक, इस कदम का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है.
अतिथि शिक्षकों की मांगों पर भी विचार
एक तरफ जहां स्थायी भर्ती की तैयारी है, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने राज्य में सालों से सेवा दे रहे अतिथि शिक्षकों की मांगों पर भी सकारात्मक रुख दिखाया है. जॉब सिक्योरिटी और बेहतर सेवा शर्तों को लेकर अतिथि शिक्षक लगातार आवाज उठा रहे थे. सरकार ने संकेत दिए हैं कि उनकी चिंताओं और मांगों का परीक्षण किया जा रहा है और इस पर गंभीरता से विचार चल रहा है.
उच्च शिक्षा विभाग जल्द ही इन भर्तियों और प्रशासनिक सुधारों को लेकर विस्तृत गाइडलाइन और रोडमैप जारी करेगा. राज्य के युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की नजरें अब विभाग के अगले आधिकारिक नोटिफिकेशन पर टिकी हैं.