छत्तीसगढ़: RTE के तहत 3.63 लाख बच्चे पा रहे हैं नि:शुल्क शिक्षा
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने के प्रयास तेजी से सफल हो रहे हैं. वर्तमान में प्रदेश के 6,862 निजी विद्यालयों में आर.टी.ई. के माध्यम से लगभग 3,63,515 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं.
राज्य सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष भी कक्षा पहली की लगभग 22,000 सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है.
राज्य में आर.टी.ई. के तहत दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि कई पड़ोसी राज्यों की तुलना में काफी बेहतर है.
जहाँ छत्तीसगढ़ में कक्षा 1 से 5 तक के लिए 7,000 रुपये और कक्षा 6 से 8 तक के लिए 11,400 रुपये वार्षिक प्रतिपूर्ति निर्धारित है, वहीं मध्य प्रदेश में यह राशि 4,419 रुपये, बिहार में 6,569 रुपये, झारखंड में 5,100 रुपये और उत्तर प्रदेश में 5,400 रुपये ही है.
यद्यपि ओडिशा, राजस्थान, महाराष्ट्र और कर्नाटक में यह राशि अधिक है, किंतु समग्र मूल्यांकन में छत्तीसगढ़ की प्रतिपूर्ति राशि संतुलित और उचित है.
शासन का स्पष्ट निर्देश है कि चूंकि सभी निजी स्कूलों को आर.टी.ई. के प्रावधानों के तहत ही मान्यता प्राप्त है, इसलिए आरक्षित सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित करना उनकी वैधानिक जिम्मेदारी है.
नियमों का उल्लंघन करने वाले या प्रवेश से इंकार करने वाले स्कूलों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें स्कूल की मान्यता रद्द करना भी शामिल है. Symbolic Photo