रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

सरगुजा के बाल सुधार गृह से 15 किशोर बंदी फरार

C

CG Khabar

17 फ़र. 2026, 02:16 PM 3 मिनट में पढ़ें 2

बाल सुधार गृह अंबिकापुर
बाल सुधार गृह अंबिकापुर

अंबिकापुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में गांधीनगर थाना क्षेत्र के बिशुनपुर स्थित 'प्लेस ऑफ सेफ्टी' (बाल सुधार गृह) में सोमवार रात भोजन के पश्चात 15 अपचारी बालकों ने ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट की और परिसर की दीवार फांदकर भाग निकले. घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभाला और अब तक पांच बालकों को सुरक्षित बरामद कर लिया है, जिनमें से तीन को पुलिस ने पकड़ा और दो स्वयं वापस लौट आए. 


फिलहाल 10 अन्य किशोर अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिनकी तलाश में सरगुजा पुलिस सघन छापेमारी कर रही है.

विज्ञापन


जांच के दौरान इस संस्थान के प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं. जानकारी के अनुसार, इस सुधार गृह की कुल क्षमता केवल 25 बालकों की है, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर यहाँ 36 किशोरों को रखा गया था. 


सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि कई बंदियों की उम्र 18 वर्ष से अधिक हो चुकी है, जिन्हें नियमानुसार केंद्रीय जेल में स्थानांतरित किया जाना चाहिए था, लेकिन वे अब भी यहीं मौजूद थे. 


घटना सोमवार रात करीब 9 बजे की है जब वार्ड में ले जाते समय किशोरों ने गार्ड को निशाना बनाया. फरार होने वाले अधिकांश किशोर सरगुजा, कोरिया और सूरजपुर जिले के बताए जा रहे हैं. 


ताज़ा अपडेट के अनुसार, फरार 10 किशोरों में से तीन की लोकेशन बिलासपुर में मिली है, जिन्हें पकड़ने के लिए एक विशेष टीम रवाना कर दी गई है. जिला प्रशासन अब इस मामले में ओवरक्राउडिंग और उम्र संबंधी नियमों की अनदेखी की जांच कर रहा है.


गौरतलब है कि अंबिकापुर के बाल संप्रेक्षण गृह में सुरक्षा में चूक और बच्चों के भागने का इतिहास पुराना रहा है, जो अक्सर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है. पिछले वर्ष मई 2025 में भी ऐसी ही एक सनसनीखेज घटना सामने आई थी, जब छह अपचारी बालकों ने मुख्य द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मी की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया और मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए थे. 


इससे पहले फरवरी 2025 में भी तीन किशोरों के भागने की खबर आई थी, जिनमें से कुछ को बाद में पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा था. 


इन बार-बार होने वाली घटनाओं के पीछे अक्सर सुरक्षाकर्मियों की लापरवाही, क्षमता से अधिक बच्चों को रखा जाना और परिसर की कमजोर घेराबंदी जैसे कारण सामने आते रहे हैं. स्थानीय स्तर पर इन घटनाओं को लेकर हमेशा आक्रोश रहा है क्योंकि फरार होने वाले कई किशोर हत्या और लूट जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त होते हैं, जिससे शहर की सुरक्षा पर खतरा बना रहता है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP