CGPSC पेपर लीक: पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी गिरफ्तार
रायपुर । संवाददाता: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के कथित परीक्षा पेपर लीक और फर्जीवाड़े से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शनिवार को आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार कर लिया है.
पूछताछ के दौरान संतोषजनक जवाब न मिलने और जांच में सहयोग न करने पर ED ने उन्हें प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत हिरासत में लिया.
केंद्रीय एजेंसी सोनवानी को रायपुर की विशेष PMLA अदालत में पेश कर कस्टोडियल रिमांड की मांग करेगी.
यह पूरा मामला वर्ष 2020 और 2021 में आयोजित CGPSC की राज्य सेवा परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक करने और उम्मीदवारों के चयन में धांधली से जुड़ा है. ED की यह कार्रवाई 2024 में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी (FIR) पर आधारित है.
नवंबर 2023 में राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस की शिकायत पर यह केस दर्ज किया गया था, जिसके बाद 2024 में CBI ने सोनवानी को गिरफ्तार किया था.
एजेंसी के आरोपों के अनुसार, सोनवानी ने रिश्वत लेकर और नियम बदलकर अपने रिश्तेदारों व पसंदीदा उम्मीदवारों को लाभ पहुंचाया.
आरोप है कि 2021 में आयोग के नियमों में बदलाव कर परिवार की परिभाषा से "भतीजे" शब्द को हटा दिया गया था, ताकि उनके करीबियों को सरकारी पदों पर बैठाया जा सके.
जांच में यह भी सामने आया है कि रिश्वत की रकम नकद के साथ-साथ एक पारिवारिक समिति के खातों में फर्जी कॉलेज के CSR दान के रूप में घुमाकर ली गई. एक निजी कंपनी से लगभग 45 लाख रुपये की राशि दो उम्मीदवारों का डिप्टी कलेक्टर पद पर चयन कराने के बदले इसी तरह रूट की गई थी.