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जनगणना 2027: जाति-डिजिटल साक्षरता-कोविड टीकाकरण सहित पूछे जाएंगे 40 सवाल

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14 अग. 2026, 06:58 AM 2 मिनट में पढ़ें 1

जनगणना 2027
जनगणना 2027

नई दिल्ली । डेस्क: केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के जनसंख्या सूचीकरण (पॉपुलेशन एन्यूमरेशन) चरण के लिए 40 प्रश्नों की अधिसूचना जारी कर दी है. इस बार की जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रही है, क्योंकि भारत के इतिहास में पहली बार आधिकारिक जनगणना में जातिगत आंकड़े जुटाए जाएंगे. 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन पॉलिटिकल अफेयर्स द्वारा लिए गए फैसले के अनुसार, प्रश्नावली में जातियों की कोई पूर्वनिर्धारित सूची नहीं होगी, बल्कि नागरिक जो जाति बताएंगे उसे ही दर्ज किया जाएगा. 


इसके अलावा, नागरिकों से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), वैवाहिक स्थिति, मातृभाषा, डिजिटल साक्षरता, रोजगार और माइग्रेशन से जुड़े सवालों के साथ-साथ उनके कोविड-19 टीकाकरण के स्थान की जानकारी भी मांगी जाएगी.


रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, इस वृहद प्रक्रिया की शुरुआत 1 सितंबर से लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के बर्फबारी वाले क्षेत्रों से हो रही है, जो 30 सितंबर तक चलेगी. इन दुर्गम क्षेत्रों में घर-घर जाकर गणना शुरू होने से ठीक पहले, 17 से 31 अगस्त तक निवासियों को 'स्व-गणना' (Self-Enumeration) का विकल्प भी दिया जाएगा. 


देश के बाकी हिस्सों में जनसंख्या सूचीकरण की प्रक्रिया अगले साल से शुरू होगी. पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होने वाली इस जनगणना में पहचान और नागरिक सुविधाओं से जुड़े विवरण जैसे बैंक खाते, मोबाइल नंबर, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस के संबंध में भी प्रश्न शामिल किए गए हैं. कोविड-19 महामारी के कारण टली इस दशकीय जनगणना के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 11,718 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP