सावधान: CJP के फर्जी ऐप से डेटा चोरी होने का खतरा
नई दिल्ली । डेस्क: युवाओं और सोशल मीडिया पर डिजिटल प्लेटफॉर्म 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) की प्रसिद्धि का फायदा उठाकर साइबर अपराधियों ने जेन-जी (GenZ) यूजर्स को ठगने का एक नया तरीका ढूंढ निकाला है. मुंबई स्थित साइबर सुरक्षा स्टार्ट-अप 'ट्रेसएक्स लैब्स' (TraceX Labs) की एक नई खोजी रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इंटरनेट पर सीजेपी का एक फर्जी एंड्रॉइड ऐप (APK फाइल) तेजी से फैलाया जा रहा है, जो असल में एक खतरनाक स्पाइवेयर और मैलवेयर टूल है.
इस 33 पन्नों की फोरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार, 'cockroachjantaparty.org' जैसे फर्जी डोमेन, व्हाट्सएप फॉरवर्डिंग चेन और टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए इस फर्जी ऐप का लिंक शेयर किया जा रहा है.
शोधकर्ता संतोष कुमार और उनकी टीम ने जब इस ऐप की रिवर्स इंजीनियरिंग और मैनिफेस्ट फाइलों की जांच की, तो सामने आया कि यह ऐप इंस्टॉल होते ही यूजर से एसएमएस (SMS) एक्सेस, कॉन्टैक्ट्स, कॉल लॉग्स, कैमरा, स्टोरेज और सबसे संवेदनशील मानी जाने वाली 'एंड्रॉइड एक्सेसिबिलिटी सर्विस' की अनुमतियां मांगता है.
इन खतरनाक अनुमतियों का फायदा उठाकर साइबर अपराधी यूजर्स के फोन की स्क्रीन को पढ़ सकते हैं, उनके बैंक और सोशल मीडिया के ओटीपी चुरा सकते हैं और कॉल हिस्ट्री गायब कर सकते हैं.
जांच में यह भी पाया गया है कि यह मैलवेयर टेलीग्राम बॉट एपीआई (Telegram Bot API) के जरिए अपराधियों के कमांड-एंड-कंट्रोल इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा हुआ है, जिससे फोन इंस्टॉल होने के कुछ ही मिनटों के भीतर पर्सनल डेटा चोरी होना शुरू हो जाता है.
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि हैकर्स अब युवाओं को जाल में फंसाने के लिए मीम कल्चर, राजनीतिक रूप से वायरल कंटेंट और ट्रेंडिंग टॉपिक्स का सहारा ले रहे हैं.
ट्रेसएक्स लैब्स के सुरक्षा शोधकर्ता किरन सिंह राजपुरोहित ने भारतीय यूजर्स को चेतावनी दी है कि वे गूगल प्ले स्टोर के बाहर किसी भी तीसरे पक्ष (थर्ड-पार्टी) की वेबसाइट से कोई भी एपीके फाइल डाउनलोड न करें.
रिपोर्ट में सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके से भी अपील की गई है कि वे अपने समर्थकों को इस डिजिटल धोखाधड़ी और इम्पर्सनेशन के प्रति सचेत करने के लिए एक जागरूकता संदेश जारी करें.