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कैशलेस भारत: 5 साल में पेमेंट्स की बाढ़

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23 अक्टू. 2025, 02:49 PM 2 मिनट में पढ़ें 2

यूपीआई
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नई दिल्ली । डेस्क: RBI की नई रिपोर्ट से साफ है कि भारत अब कैश से दूर हो रहा है. मोबाइल और ऐप्स से पैसे भेजना-लेना आसान हो गया. आइए सरल शब्दों में समझें क्या बदला:


कुल पेमेंट्स में उछाल:

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संख्या (वॉल्यूम): 2019 में 3,248 करोड़ ट्रांजेक्शन → 2024 में 20,849 करोड़. यानी 6 गुना ज्यादा!

मूल्य (वैल्यू): ₹1,775 लाख करोड़ → ₹2,830 लाख करोड़. दोगुना से ज्यादा.

डिजिटल का राज: अब 99% से ज्यादा पेमेंट्स डिजिटल हैं. कैश लगभग खत्म!


UPI: छोटे पेमेंट्स का सुपरस्टार


2019: 1,079 करोड़ ट्रांजेक्शन (₹18 लाख करोड़ मूल्य).

2024: 17,221 करोड़ (₹247 लाख करोड़).

क्यों पॉपुलर? 24 घंटे चालू, आसान, मुफ्त. ज्यादातर चाय-पानी जैसे छोटे खर्चों के लिए.


अन्य सिस्टम्स की कहानी (संक्षेप में):


NEFT (बैंक ट्रांसफर): संख्या 3 गुना बढ़ी, मूल्य भी दोगुना.

RTGS (बड़े पेमेंट्स): संख्या दोगुनी, मूल्य 1.4 गुना.

क्रेडिट कार्ड: संख्या दोगुनी, मूल्य तिगुना. शॉपिंग का फेवरेट.

डेबिट कार्ड: संख्या और मूल्य दोनों कम. UPI ने ले लिया बाजार!

BBPS (बिल पेमेंट): संख्या 17 गुना, मूल्य 41 गुना. बिलर्स 134 से 22,000+.

IMPS: संख्या दोगुनी, मूल्य तिगुना. तुरंत पैसे भेजने के लिए.

NACH: सैलरी-बिल जैसे बड़े भुगतान बढ़े.


RBI क्या कहती है?

पिछले 5 सालों में डिजिटल पेमेंट्स 6 गुना तेज हुए. यह विकास सबके लिए आसान और सुरक्षित बना रहा. H1 2025 (जनवरी-जून) में ही ₹1,572 लाख करोड़ का कारोबार!

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP