बजट 2026-27: जिला स्तर पर गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा
रायपुर । संवाददाता: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट 2026-27 में की गई घोषणा के अनुसार, अब देश के प्रत्येक जिले में छात्राओं के लिए विशेष गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा. इस पहल का सबसे व्यापक सकारात्मक प्रभाव छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में देखने को मिलेगा, जहाँ दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं के लिए सुरक्षित आवास हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है.
सुरक्षा के साथ शिक्षा का संकल्प अक्सर देखा गया है कि रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए आने वाली ग्रामीण छात्राओं को हॉस्टल की कमी के कारण अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ती है.
विशेषकर STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) विषयों की लंबी क्लास और लैब वर्क के कारण छात्राओं के लिए कैंपस के नजदीक रहना अनिवार्य हो जाता है. नई योजना के तहत बनने वाले ये हॉस्टल न केवल सुरक्षित होंगे, बल्कि छात्राओं को एस्ट्रोफिजिक्स और मेडिसिन जैसे कठिन क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए एक स्थिर वातावरण भी प्रदान करेंगे.
बस्तर और सरगुजा के लिए गेम-चेंजर यह योजना छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल जिलों बस्तर, सुकमा, नारायणपुर और अंबिकापुर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. इन क्षेत्रों की मेधावी छात्राएं जो अब तक केवल संसाधनों और आवास के अभाव में उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती थीं, अब अपने ही जिले में रहकर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी. जानकारों का मानना है कि इस कदम से राज्य में छात्राओं का 'ड्रॉप-आउट रेट' काफी कम होगा.