'जब वी मेट' ने बॉबी देओल का दिल तोड़ दिया था
मुंबई । मनोरंजन डेस्क: बॉलीवुड में कभी-कभी सबसे बड़ा दिल टूटना प्रेम कहानियों से नहीं, बल्कि छूटी हुई संभावनाओं से आता है. अभिनेता बॉबी देओल के लिए ऐसा ही एक पल था जब उनके हाथों से फिल्म 'जब वी मेट' निकल गई.
यह फिल्म उनके लिए एक महत्वपूर्ण अवसर थी, जो अंततः शाहिद कपूर और करीना कपूर के हिस्से आई और बॉलीवुड को उसकी सबसे प्रतिष्ठित प्रेम कहानियों में से एक दी.
हाल ही में पॉडकास्टर राज शमानी के साथ बातचीत में बॉबी ने इस घटना का जिक्र किया. 2000 के दशक के मध्य में, जब उनका करियर उतार-चढ़ाव से गुजर रहा था, बॉबी ने इम्तियाज अली की पहली फिल्म 'सोचा न था' का रफ कट देखा.
फिल्म ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने तुरंत इम्तियाज के साथ काम करने की इच्छा जताई. बॉबी ने कहा, "मैं इतना प्रभावित हुआ कि मैंने उनसे कहा कि मैं उनके साथ किसी भी प्रोजेक्ट में काम करना चाहता हूं."
उस समय इम्तियाज ने 'गीत' नामक एक स्क्रिप्ट लिखी थी, जो बाद में 'जब वी मेट' बनी.
बॉबी ने इस स्क्रिप्ट को निर्माताओं तक पहुंचाया और मुख्य अभिनेत्री के लिए करीना कपूर से संपर्क किया. करीना ने स्क्रिप्ट सुनी, लेकिन विनम्रता से मना कर दिया. इसके बाद बॉबी ने प्रीति जिंटा से बात की, जिन्होंने छह महीने बाद समय देने की बात कही.
लेकिन नियति को कुछ और मंजूर था. वही निर्माता, जिन्होंने पहले इम्तियाज को अस्वीकार किया था, बाद में उनके साथ आए और इस बार करीना कपूर को मुख्य भूमिका में लिया गया. शाहिद कपूर को पुरुष लीड के रूप में चुना गया, जो कि बॉबी की नजर में उनकी भूमिका थी.
समय के साथ 'जब वी मेट' हिंदी सिनेमा की सबसे पसंदीदा रोमांटिक कॉमेडी बन गई.
बॉबी के लिए यह नुकसान गहरा व्यक्तिगत था.
उन्होंने कहा, "मैं टूट गया था, मेरे पास कोई काम नहीं था. मुझे लगा कि यह भूमिका मेरी थी. उस समय मुझे अच्छी फिल्में नहीं मिल रही थीं, और जो मिल रही थीं, वे सामान्य बॉलीवुड फिल्में थीं, जिनमें कोई खास चमक नहीं थी."
हालांकि, बॉबी ने स्पष्ट किया कि उनके मन में इम्तियाज के प्रति कोई कटुता नहीं है.
उन्होंने कहा, "मुझे उनसे कोई शिकायत नहीं है. मैं उन्हें पसंद करता हूं. वह इंडस्ट्री के सबसे प्रतिभाशाली निर्देशकों में से एक हैं. लेकिन उस समय उनके करियर के उस चरण में, शायद वह असुरक्षित थे और उन्हें कुछ कठिन निर्णय लेने पड़े. यह सब गलत तरीके से हुआ."
बॉबी ने यह भी खुलासा किया कि फिल्म का मूल शीर्षक 'गीत' था, क्योंकि कहानी करीना के किरदार के इर्द-गिर्द केंद्रित थी.
इस फिल्म ने शाहिद कपूर को स्टारडम की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और बॉलीवुड को एक अमर प्रेम कहानी दी. लेकिन बॉबी ने इसे नियति मानकर स्वीकार किया.
उन्होंने कहा, "यह मेरे नसीब में नहीं था. लेकिन उस समय, यह मेरे लिए सचमुच दिल तोड़ने वाला था."