अरुणा ईरानी ने कैंसर से दो बार जीती जंग
अरुणा ईरानी ने कैंसर से जंग दो बार जीती
नई दिल्ली । मनोरंजन डेस्क: हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री अरुणा ईरानी ने अपनी शानदार एक्टिंग से दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज किया है. 'जुदाई', 'याराना', और 'हसीना मान जायेगी' जैसी फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से सबका दिल जीतने वाली 79 वर्षीय अभिनेत्री ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने जीवन की सबसे मुश्किल लड़ाई का खुलासा किया.
अरुणा ईरानी ने बताया कि वह न केवल एक, बल्कि दो बार ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ चुकी हैं. इसके अलावा, उन्हें किडनी फेल होने की समस्या का भी सामना करना पड़ा, लेकिन अपनी हिम्मत और सकारात्मक सोच के दम पर वह अब पूरी तरह स्वस्थ हैं.
पहली बार 2015 में हुआ कैंसर का पता
अरुणा ईरानी ने 'लहरें रेट्रो' के साथ बातचीत में अपनी पहली कैंसर की जंग का जिक्र किया. उन्होंने बताया, "ऐसे ही एक दिन मैं शूटिंग कर रही थी, तभी मुझे कुछ अजीब सा लगा. मैंने तुरंत डॉक्टर से संपर्क किया, जिन्होंने इसे एक छोटी सी गांठ बताया. लेकिन मैं कोई जोखिम नहीं लेना चाहती थी."
इसके बाद जांच में ब्रेस्ट कैंसर का पता चला. डॉक्टरों ने कीमोथेरेपी की सलाह दी, लेकिन अरुणा ने अपने बाल झड़ने और त्वचा की बनावट में बदलाव के डर से इसे ठुकरा दिया. उन्होंने कहा, "मैंने कीमोथेरेपी नहीं ली और दूसरा इलाज चुना." इस दौरान वह चुपचाप अपनी लड़ाई लड़ती रहीं और लोगों की नजरों से दूर रहीं.
2020 में दोबारा लौटा कैंसर
मार्च 2020 में कोविड महामारी के बीच अरुणा को फिर से कैंसर का सामना करना पड़ा. उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा, "पहली बार मैंने कीमोथेरेपी नहीं ली थी, शायद यही मेरी गलती थी. इस बार मैंने कीमोथेरेपी लेने का फैसला किया." उन्होंने बताया कि चिकित्सा विज्ञान की प्रगति के कारण कीमोथेरेपी अब पहले से बेहतर है. "हां, कुछ बाल झड़ते हैं, लेकिन वो जल्दी वापस आ जाते हैं," उन्होंने हल्के अंदाज में कहा.
किडनी फेल होने की भी आई थी नौबत
कैंसर के अलावा, अरुणा ईरानी को एक और गंभीर स्वास्थ्य समस्या का सामना करना पड़ा. उन्होंने बताया कि एक समय डॉक्टरों ने उन्हें सूचित किया कि उनकी दोनों किडनियां फेल हो गई हैं. इस कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा.
हालांकि, समय पर इलाज और उनकी मजबूत इच्छाशक्ति ने उन्हें इस मुश्किल दौर से भी उबार लिया.
एक्टिंग के लिए जुनून, मां के किरदारों ने बनाया फेवरेट
अरुणा ईरानी ने न केवल लीड रोल में, बल्कि सहायक किरदारों में भी अपनी छाप छोड़ी है.
रीमा लागू और राखी के साथ-साथ वह हिंदी सिनेमा की फेवरेट मां के तौर पर जानी जाती हैं. अनिल कपूर जैसे बड़े सितारों के साथ मां का किरदार निभाने वाली अरुणा ने अपनी निजी जिंदगी को हमेशा लाइमलाइट से दूर रखा.
उनकी यह खुलासे भरी कहानी उनके फैंस के लिए न केवल हैरान करने वाली है, बल्कि प्रेरणादायक भी है.
हिम्मत और सकारात्मकता की मिसाल
अरुणा ईरानी की कहानी हिम्मत, हौसले और सकारात्मक सोच की जीती-जागती मिसाल है. दो बार कैंसर और किडनी फेल होने जैसी गंभीर बीमारियों से उबरकर उन्होंने न केवल अपनी जिंदगी को पटरी पर लाया, बल्कि अपने फैंस को भी प्रेरित किया.
आज वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और अपने अनुभवों को साझा कर दूसरों को जागरूक करने का काम कर रही हैं.
अरुणा ईरानी की यह कहानी हमें सिखाती है कि मुश्किलों से डरने की बजाय उनका डटकर सामना करना चाहिए. उनकी हिम्मत और जज्बे को सलाम!