बिलासपुर: स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन पर जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल 3 दिन टली
बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के शासकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर में जूनियर डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल को फिलहाल तीन दिनों के लिए स्थगित कर दिया है. स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के साथ हुई सकारात्मक वार्ता और उनके आश्वासन के बाद डॉक्टरों ने ओपीडी बंद न करने का फैसला लिया है.
हालांकि, विरोध जताने के लिए प्रदेशभर के पीजी और इंटर्न डॉक्टर काली पट्टी बांधकर सेवाएं दे रहे हैं. यदि तय समयसीमा के भीतर शासन स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो 24 सितंबर को सिम्स की ओपीडी सेवाएं पूरी तरह ठप की जा सकती हैं.
डॉक्टरों की इस मुहिम का नेतृत्व कर रही जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JDA) ने स्टाइपेंड में बढ़ोतरी, पीजी रेजिडेंट के वेतन संशोधन और बॉन्डेड जूनियर रेजिडेंट्स के भुगतानों के निस्तारण सहित कुल 17 सूत्रीय मांगें सरकार के समक्ष रखी हैं.
सिम्स के अध्यक्ष डॉ. नागेंद्र कुमार साहू और प्रदेश महासचिव डॉ. योगेश्वर जायसवाल के अनुसार, संगठन का इरादा मरीजों को संकट में डालना नहीं है, इसलिए वार्ता के मार्ग को प्राथमिकता दी जा रही है.
आंदोलन के शुरुआती चरण में डॉक्टर शांतिपूर्ण रैलियों और कैंडल मार्च के जरिए अपनी बात रखेंगे, लेकिन मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को जिला अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी स्तर तक विस्तृत किया जाएगा, जिसके दायरे में इमरजेंसी सेवाएं भी आ सकती हैं.