बीजापुर: नक्सलियों को तगड़ा झटका, 51 ने छोड़ा हिंसा का रास्ता
बीजापुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलवाद के खिलाफ सरकारी अभियान को मिली एक और बड़ी सफलता. पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीतियां माओवादियों को तेजी से अपनी ओर खींच रही हैं. मुख्यधारा में शामिल होने वाले नक्सलियों के परिवार भी अब चाहते हैं कि उनके परिजन सामान्य जीवन अपनाएं और समाज के साथ तालमेल बिठाकर चलें. एसपी ने नक्सलियों से अपील की कि वे भ्रामक विचारों को छोड़कर बिना डर के शांतिपूर्ण जीवन की ओर लौट आएं, जिससे इलाके में स्थायी शांति और प्रगति संभव हो सके.
बुधवार को व्यापक नक्सल उन्मूलन अभियान और 'पूना मारगेम' पुनर्वास से पुनर्जीवन योजना के तहत 51 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए. इनमें नौ महिलाएं और 42 पुरुष शामिल हैं, जिनके सिर पर कुल 66 लाख रुपये का इनाम था. सभी ने हिंसा का रास्ता छोड़कर लोकतंत्र में विश्वास जताया और सम्मानपूर्ण जीवन जीने का वादा किया. इस घटना ने नक्सली संगठन को गहरी चोट पहुंचाई है.
वर्ष 2025 में अब तक बीजापुर में 461 माओवादियों ने मुख्यधारा का रुख किया है, जबकि 138 को सुरक्षा कार्रवाई में ढेर किया गया और 485 को गिरफ्तार कर लिया गया. प्रत्येक आत्मसमर्पित नक्सली को राज्य सरकार से 50 हजार रुपये की पुनर्वास सहायता मिलेगी. 'पूना मारगेम' योजना ने नक्सलग्रस्त इलाकों में शांति की बुनियाद मजबूत की है, जहां प्रशासन, सुरक्षा दल, सामाजिक संगठन और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयासों से हिंसा की जगह संवाद और विकास की हवा बह रही है.
इस सफलता में डीआरजी, बस्तर फाइटर्स, एसटीएफ, केरिपु-85, केरिपु-199, कोबरा-210 और 201 बटालियन की इकाइयों का अहम योगदान रहा. इन प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामान्यता की उम्मीदें बढ़ गई हैं.