बीजापुर: 10 साल के मासूम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
बीजापुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भैरमगढ़ में कार्यरत एक फार्मासिस्ट के घर पर इलाज कराने के बाद 10 वर्षीय बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई और अंततः उसकी जान चली गई. मृतक बच्चा तालानार गांव का निवासी आर्यन ओयाम था. परिजनों का आरोप है कि समय पर सही और बेहतर इलाज न मिलने के कारण बच्चे को बचाया नहीं जा सका.
इस घटना के बाद से पूरे इलाके और पीड़ित परिवार में शोक का माहौल है, वहीं सरकारी कर्मचारी द्वारा अपने निजी निवास पर प्रैक्टिस किए जाने को लेकर नियम-कायदों पर सवाल उठने लगे हैं.
स्थानीय निवासियों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र में ड्रग डिस्पेंसर के पद पर पदस्थ फार्मासिस्ट धर्मेंद्र सिंह चंदेल अक्सर ड्यूटी के बाद अपने घर पर मरीजों का इलाज करते हैं. आर्यन की तबीयत बिगड़ने पर उसके घरवाले भी उसे अस्पताल ले जाने के बजाय पहले उक्त फार्मासिस्ट के पास ले गए थे.
वहां से लौटने के बाद जब बच्चे की हालत बेहद चिंताजनक हो गई, तब उसे रात करीब 9:25 बजे भैरमगढ़ अस्पताल पहुंचाया गया. CHC के प्रभारी बीएमओ डॉ. रमेश तिग्गा के अनुसार, बच्चे की हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत बड़े केंद्र के लिए रेफर कर दिया गया था.
बीएमओ ने यह भी अंदेशा जताया कि मामला संदिग्ध जापानी इंसेफेलाइटिस (JE) से जुड़ा हो सकता है, हालांकि वास्तविक कारण मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा.
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया है. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. बीआर पुजारी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पूरे प्रकरण की त्वरित जांच कराने का आश्वासन दिया है.
उन्होंने स्पष्ट किया है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर उचित और कड़ा कदम उठाया जाएगा. फिलहाल, बच्चे को दी गई दवाओं, उनकी मात्रा और इलाज की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि किसी तरह की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ था.