भूपेश बघेल: जागरूक जनता के सामने निकाय चुनाव में नहीं चलेगा धनबल
दुर्ग । संवाददाता: दुर्ग के रिसाली नगर निगम चुनाव की सरगर्मियां तेज होते ही राजनीतिक बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है. हाल ही में आयोजित एक निजी भवन में कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की आर्थिक स्थिति इतनी खस्ताहाल हो चुकी है कि उसके पास कर्मचारियों को तनख्वाह देने और पेंशन बांटने तक के लिए बजट नहीं बचा है.
बघेल ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दी गई गारंटियां भी कागजों तक ही सीमित रह गईं, चाहे वह 100 दिनों के भीतर मानदेय दोगुना करना हो या कर्मचारियों के नियमितीकरण का वादा. उन्होंने पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल द्वारा पेंशन बहाली को लेकर लिखे पत्र का हवाला देते हुए कहा कि इससे सरकार की प्रशासनिक विफलता साफ उजागर होती है.
नगर निगम चुनाव की चुनावी रणनीति और टिकट वितरण को लेकर पर्यवेक्षक मोहन मरकाम ने स्पष्ट किया कि पार्टी बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत बनाकर मैदान में उतरेगी.
उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों के दौरान भाजपा के पास जनता को दिखाने के लिए एक भी विकास कार्य नहीं है. कांग्रेस स्थानीय मुद्दों और सरकार की नाकामियों को मुद्दा बनाकर मतदाताओं के बीच जाएगी.
उन्होंने यह भी साफ किया कि प्रत्याशी चयन में वार्ड स्तर से आए सुझावों और नामों को ही प्राथमिकता दी जाएगी, जिस पर बाद में प्रदेश कांग्रेस कमेटी अंतिम निर्णय लेगी.
भिलाई और रिसाली के वार्ड आरक्षण में एससी-एसटी वर्ग की अनदेखी के सवाल पर भूपेश बघेल ने कहा कि जनता के विरोध के बावजूद सरकार ने ध्यान नहीं दिया, जबकि इस विषय को अदालत में चुनौती दी जानी चाहिए थी.
उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी चुनाव में भाजपा का धनबल या बाहुबल काम नहीं आएगा, क्योंकि जागरूक जनता के सामने प्रशासनिक दबाव पूरी तरह बे असर साबित होता है.