भिलाई: गांजा और नशीली गोलियों के साथ 7 दबोचे गये, निकाला जुलूस
दुर्ग । संवाददाता: दुर्ग जिले के भिलाई में नशे की अवैध खरीद-बिक्री के खिलाफ पुलिस ने बड़े पैमाने पर शिकंजा कसा है. छावनी और खुर्सीपार थाना क्षेत्रों में ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए पुलिस टीमों ने कुल सात शातिर तस्करों को रंगे हाथों धर दबोचा. पकड़े गए बदमाशों के पास से ढाई किलो से अधिक गांजा, 500 प्रतिबंधित नशीली गोलियां (अल्प्राजोलम) और बिक्री की नकदी समेत करीब साढ़े तीन लाख रुपये का सामान जब्त किया गया है.
क्षेत्र में अपराधियों और नशे के सौदागरों के मन में खौफ पैदा करने के उद्देश्य से पुलिस ने आरोपियों का उसी इलाके में जुलूस भी निकाला और उनसे कानून के पक्ष में नारे लगवाए. इसके बाद एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर सभी सात आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें सीधे जेल भेज दिया गया.
पहली बड़ी कार्रवाई छावनी थाना पुलिस द्वारा जीई रोड स्थित एक पुराने खंडहर पावर हाउस परिसर में की गई. गुप्त सूचना के आधार पर जब पुलिस ने दबिश दी, तो वहां एकांत का फायदा उठाकर प्रतिबंधित दवाइयां बेच रहे तीन आरोपी हत्थे चढ़ गए.
इनकी पहचान कमल थापा, प्रदीप साहू और शहनवाज आलम के तौर पर हुई है. पुलिस ने इनके पास से 0.5 एमजी की 500 अल्प्राजोलम गोलियां और नकदी बरामद की. जांच में सामने आया कि ये आरोपी अक्सर सुनसान व वीरान ठिकानों पर ग्राहकों को बुलाकर दवाइयों की डिलीवरी देते थे.
वहीं दूसरी ओर, खुर्सीपार थाना क्षेत्र के आईटीआई बॉयज हॉस्टल स्थित दशहरा मंच के समीप पुलिस ने घेराबंदी कर चार अन्य गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया.
पुलिस को देखते ही आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने पीछा कर शेख शब्बीर, उदय देवार, विकास वर्मा और रोहित कंवर को दबोच लिया.
इनके कब्जे से 2 किलो 514 ग्राम गांजा और 1200 रुपये नकद जब्त किए गए. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर स्थानीय युवाओं को निशाना बनाता था. पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिले में मादक पदार्थों का अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ यह सख्त अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा.