बेमेतरा: मिड-डे मील खाने से 26 बच्चों की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती
बेमेतरा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) खाने के बाद 26 विद्यार्थियों की अचानक तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया. राहत की बात यह है कि प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने सभी बच्चों को पूरी तरह स्वस्थ और खतरे से बाहर घोषित कर दिया है.
घटना के संबंध में स्कूल शिक्षक रामेश्वर बंजारे ने बताया कि दैनिक प्रक्रिया के तहत खाना पकाने के बाद उसकी जांच की गई थी और रसोइया सावन मानिकपुरी ने स्वयं भोजन चखा था, तब उसमें किसी प्रकार की गंध नहीं पाई गई थी.
सबसे पहले कक्षा 6 के छात्रों ने भोजन किया. इसके बाद जब कक्षा 7 के छात्रों की बारी आई, तो उन्होंने चावल से फिनाइल जैसी अजीब गंध आने की शिकायत की. दोबारा पूछने पर रसोइया ने भी डामर जैसी गंध की पुष्टि की, जिसके बाद सावधानी बरतते हुए बच्चों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया.
प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि मिड-डे मील प्रभारी के निर्देश पर चावल की एक नई बोरी खोली गई थी. आशंका जताई जा रही है कि स्कूल कर्मचारी की डेढ़ वर्षीय बच्ची, जो अपने पिता के साथ स्कूल आई थी, उसने खेलते समय चावल की बोरी में डामर की गोली या कोई अन्य सामग्री डाल दी होगी, जिससे चावल में गंध आ गई.
बेमेतरा के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) अभय जायसवाल ने स्पष्ट किया कि बच्चों में फूड पॉइज़निंग के कोई लक्षण नहीं मिले हैं और प्रबंधन ने केवल एहतियात के तौर पर बच्चों को अस्पताल में जांच के लिए भेजा था.