बस्तर: हिंसा पूरी तरह से वर्तमान सरपंच के इशारे पर- पूर्व सरपंच
जगदलपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के करपावंड में पिछले दिनों राजस्व अमले पर हुए हमले के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है. गांव के पूर्व सरपंच कांता प्रसाद कोर्राम ने वर्तमान सरपंच लखमू राम नेताम पर ग्रामीणों को भड़काने और गांव का शांतिपूर्ण माहौल खराब करने का सीधा आरोप लगाया है.
पूर्व सरपंच ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ जगदलपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई, जिसमें उन्होंने दावा किया कि शुक्रवार को हुई हिंसा पूरी तरह से वर्तमान सरपंच के इशारे पर की गई थी. उन्होंने मारपीट में शामिल ग्रामीणों को अनपढ़ और निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्हें मोहरा बनाया गया है.
यह विवाद तब शुरू हुआ जब बकावंड तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम कमिश्नर कोर्ट के आदेश पर पांच ग्रामीणों को उनकी पैतृक भूमि का कब्जा दिलाने गांव पहुंची थी. कोर्ट के आदेश का पालन कराने के दौरान सरपंच लखमू राम नेताम की अगुवाई में ग्रामीणों ने पहले काम रोका और फिर अचानक हमला कर दिया.
इस हिंसक झड़प में आरआई देवेंद्र श्रीवास के साथ मारपीट की गई, जबकि तहसीलदार रूपेश मरकाम के साथ धक्का-मुक्की हुई. बीच-बचाव करने पहुंचे पुलिस अधिकारियों को भी आक्रोशित भीड़ ने नहीं बख्शा.
घटना के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए भीड़ को तितर-बितर किया और मामले में त्वरित कार्रवाई की.
पुलिस ने कुल 21 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है, जबकि लोगों को भड़काने के आरोप में वर्तमान सरपंच और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है.
घटना के दिन ही 12 पुरुष आरोपियों को जेल भेज दिया गया था, जबकि महिला आरोपियों को छोड़ दिया गया है. फिलहाल आरोपी वर्तमान सरपंच घटना के बाद से ही फरार चल रहा है.
पूर्व सरपंच कांता प्रसाद कोर्राम और गांव के निवासी डमरू राम नाग का आरोप है कि जब से लखमू राम नेताम सरपंच बना है, वह गांव में भेदभाव, बाहरी-भीतरी और अलगाववाद की राजनीति कर रहा है. ग्रामीणों के अनुसार, सरपंच द्वारा चुनिंदा लोगों को टारगेट किया जा रहा है जिससे पूरे क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है.