BSP स्क्रैप घोटाले में आरोपी विजेंद्र कुमार को अग्रिम राहत
बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के ब्लास्ट फर्नेस से निकले फ्लू डस्ट के बहाने लोहे की चोरी करने के मामले में आरोपी विजेंद्र कुमार धुरिया की अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है. मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की पीठ ने मामले में फैसला सुनाते हुए निर्देश दिया है कि यदि पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करती है तो नियमानुसार व्यक्तिगत बंधपत्र और जमानतदार पेश करने पर उसे तत्काल रिहा किया जाए.
गौरतलब है कि यह पूरा मामला भिलाई के ब्लास्ट फर्नेस से निकलने वाले वेस्ट यानी फ्लू डस्ट के परिवहन से जुड़ा है. आरडीके इंडस्ट्रीज को इस फ्लू डस्ट को उठाने का ठेका दिया गया था. 26 मई 2026 को गश्त के दौरान पुलिस और पेट्रोलिंग टीम ने दो संदिग्ध गाड़ियों (CG 04 QT 8797 और CG 08 AW 1475) को रोका, जिसमें फ्लू डस्ट की आड़ में बड़ी मात्रा में कीमती आयरन स्क्रैप ले जाया जा रहा था.
संयंत्र प्रबंधन की शिकायत पर पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की, जिसमें मास्टरमाइंड संजय सिंह, उसके पुत्र अभय सिंह, मोहम्मद सलीम, भास्कर मुदलियार, चिंतामणि साहू, जितेश वर्मा और निर्मल सिंह समेत कई अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया. इसी क्रम में विजेंद्र कुमार धुरिया पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2), 317(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज हुआ था.
अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी को इस मामले में बेकसूर होने के बावजूद घसीटा गया है और उसका कोई पूर्व आपराधिक इतिहास भी नहीं है. इसके साथ ही कोर्ट का ध्यान इस ओर भी दिलाया गया कि प्रकरण के अन्य सह-आरोपियों को 4 अगस्त और 12 अगस्त 2026 को हाईकोर्ट से पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी है.
तथ्यों और समान परिस्थितियों का अवलोकन करने के बाद हाईकोर्ट ने विजेंद्र की याचिका मंजूर कर ली. हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया है कि अग्रिम जमानत मिलने से आरोपी अपराध से बरी नहीं हुआ है और जांच जारी रहेगी. आरोपी के लिए यह अनिवार्य होगा कि वह निचली अदालत की हर कार्रवाई में उपस्थित रहे, जांच प्रक्रिया में सहयोग करे और गवाहों को प्रभावित करने का प्रयास न करे.