कवर्धा में सामूहिक दुष्कर्म के खिलाफ फूटा आक्रोश
कवर्धा | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा के गृह जिले कवर्धा में एक आदिवासी युवती से सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद कवर्धा में आक्रोश फैल गया है. आदिवासी समाज के साथ ही आम जनता भी सड़क पर उतर आई है. हाथों में तख्तियां और बैनर लिए रैली निकालते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया.
इस दौरान एसपी धर्मेंद्र सिंह की गाड़ी को घेरकर जमकर हंगामा किया. आक्रोशित लोगों ने मामले में तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया.
धरना प्रदर्शन के चलते शहर के सिग्नल चौक पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया था. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा.
दरअसल, घटना दो दिन पहले की है. पीड़ित युवती देर रात अपने साथी के साथ उसके घर पर ठहरी हुई थी. दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ और युवती घर से अकेली बाहर निकल गई.
कुछ देर बाद उसका साथी अपने कुछ दोस्तों के साथ युवती के पास पहुंच गया और जबरदस्ती उसे मोटरसाइकिल पर ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया.
बाद में उसे बस स्टैंड के पास छोड़कर सभी लोग फरार हो गए. इसके बाद पीड़िता पुलिस स्टेशन पहुंची और प्राथमिकी दर्ज की.
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर को जब्त किया गया है. पुलिस का दावा है कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
इधर, शहर में घटना के विरोध में बढ़ता आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने चौक-चौराहों पर पुलिस बल तैनात किया है. धरना स्थल पर तो भारी संख्या में बल तैनात किया गया है.
आक्रोशित आदिवासी समाज ने आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी, फांसी, उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया. कलेक्टर दफ्तर के सामने भी जमकर प्रदर्शन करते हुए धरना दिया.
आदिवासी समाज ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़िता को मुआवजा नहीं मिला, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा. इसकी पूरी जवाबदारी प्रशासन और पुलिस की होगी.
दीपक बैज ने सरकार को घेरा
इस मामले में कांग्रेस नेता दीपक बैज ने सरकार को घेरा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि कवर्धा में फिर से मानवता हुई शर्मसार.
नाबालिग बच्ची से सामूहिक बलात्कार का मामला बैगा आदिवासी युवती के साथ कुछ दरिंदों ने बलात्कार जैसा जघन्य अपराध किया.
अब सरकार दोषियों को सजा देने के बजाए मामले को दबाने का पूरा प्रयास करने में लगी है.
मीडिया को इस मामले में मुंह बंद करने के आदेश दे दिए गए हैं. पुलिस ने बिना परिजनों को बताए युवती का मेडिकल करवा दिया है.
गृहमंत्री पुलिस सब चुप्पी साधे हुए हैं. कुल मिलाकर अब प्रदेश में जंगलराज है. बच्चियों के साथ ऐसे आमानवीय कृत्य हो रहे हैं और शासन से न्याय की उम्मीद भी नहीं की जा सकती.