अजीत जोगी और कल्याण दास आश्रम का अनसुना किस्सा
अमरकंटक । डेस्क: छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री और 1970 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी अजीत जोगी के जीवन से जुड़े कई दिलचस्प किस्से आज भी चर्चा में रहते हैं. ऐसा ही एक अनोखा वाकया उनके शहडोल (अविभाजित मध्य प्रदेश) के कलेक्टर रहने के दौरान का है, जब उन्होंने महज एक सिगरेट के डिब्बे के गत्ते पर दस्तखत करके एक साधु को 5 एकड़ जमीन आवंटित कर दी थी.
आज उसी जमीन पर अमरकंटक का प्रसिद्ध कल्याणदास आश्रम खड़ा है, जो हजारों आदिवासी बच्चों और लड़कियों को मुफ्त शिक्षा दे रहा है.
यह वाकया तब का है जब अजीत जोगी कमिश्नर के निर्देश पर तत्कालीन एसपी एम.एस. गिल के साथ आधिकारिक दौरे पर अमरकंटक गए थे. सुबह की सैर के दौरान दोनों अधिकारियों की नजर एक साधु पर पड़ी, जो कड़ाके की ठंड में एक बड़े साल के पेड़ के नीचे ध्यानमग्न थे.
अगले दिन दोनों अधिकारी बाबा का आशीर्वाद लेने पहुंचे. बातचीत के दौरान बाबा ने इच्छा जताई कि अगर उन्हें जमीन मिल जाए, तो वे अमरकंटक में एक आश्रम स्थापित करना चाहते हैं.
अजीत जोगी की पत्नी और पूर्व विधायक डॉ. रेणु जोगी के अनुसार, उस समय अजीत जोगी 'इंडिया किंग्स' सिगरेट पीते थे. बाबा की इच्छा सुनकर जोगी ने तुरंत सिगरेट के पैकेट से कार्डबोर्ड (गत्ता) निकाला और उस पर बतौर कलेक्टर 5 एकड़ भूमि का आवंटन आदेश लिख दिया.
इतना ही नहीं, उन्होंने खुद कदमों से नापकर जमीन की रूपरेखा तय की. उनके 43 कदमों को लगभग 100 फीट माना गया और इसी आधार पर पैमाइश की गई.
जोगी ने वह गत्ता बाबा को सौंपते हुए कहा कि यह आपका पक्का सबूत है और स्थानीय राजस्व अधिकारियों को कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दे दिए. जोगी के कदमों से नापी गई वही जमीन आज एक बड़े सामाजिक और शैक्षणिक केंद्र के रूप में तब्दील हो चुकी है. File Photo