'अपमान' सहने के बजाय टीएस सिंहदेव छोड़ें पार्टी- अजय चंद्राकर
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के भीतर चल रही संगठनात्मक खींचतान पर अब भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला बोला है. बीजेपी के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव की स्थिति पर सहानुभूति जताते हुए उन्हें कांग्रेस से नाता तोड़ने की सलाह दी है.
चंद्राकर ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के उस बयान पर आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने कहा था कि वे सिंहदेव के बयानों पर प्रतिक्रिया नहीं देते.
बीजेपी विधायक ने आरोप लगाया कि राज्य में सरकार गठन के बाद से ही कांग्रेस का एकमात्र एजेंडा सिंहदेव को नीचा दिखाना रहा है. उन्होंने कहा कि एक प्रतिष्ठित पृष्ठभूमि से आने वाले नेता के लिए आत्मसम्मान सर्वोपरि होना चाहिए और अब सिंहदेव को तय करना है कि वे लगातार उपेक्षा सहेंगे या राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जुड़ेंगे.
इसके साथ ही बीजेपी नेता ने खनिज संसाधनों में आदिवासियों की हिस्सेदारी की मांग करने वाले पूर्व मंत्री अमरजीत भगत को भी आड़े हाथों लिया. चंद्राकर ने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब कैबिनेट या विधानसभा के पटल पर इस विषय को क्यों नहीं उठाया गया और न ही केंद्र को कोई औपचारिक पत्र भेजा गया.
उन्होंने तंज कसा कि सत्ता जाने के बाद केवल अपनी राजनीति चमकाने के लिए ऐसे बड़े-बड़े बयान दिए जा रहे हैं.
वहीं, झीरम घाटी नक्सली हमले की बरसी पर चंद्राकर ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विपक्षी दल ने इस संवेदनशील त्रासदी को सिर्फ राजनीतिक ऑक्सीजन की तरह इस्तेमाल किया है.
उन्होंने दावा किया कि इस मामले का पूरा सच उसी दिन सामने आ जाएगा जब भूपेश बघेल अपनी जेब में होने का दावा किए जाने वाले सबूतों को सार्वजनिक करेंगे और कवासी लखमा घटनाक्रम से जुड़े सच को पूरे प्रदेश के सामने रखेंगे.
बीजेपी विधायक ने यह भी सवाल उठाया कि घटना के बाद अस्पताल में नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने लखमा से क्या कहा था, इसका खुलासा होने पर सारी परतें खुद-ब-खुद खुल जाएंगी.