राम मंदिर ट्रस्ट में एयर मार्शल की एंट्री: भूपेश बघेल ने कहा 'BJP-RSS-VHP पर भरोसा खत्म'
रायपुर । संवाददाता: अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किए जाने के बाद राजनीति गरमा गई है. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने इस नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधा है.
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के चढ़ावे और खातों की देखरेख के लिए एक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी को तैनात करना यह दर्शाता है कि सरकार का अब भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) से जुड़े लोगों पर से विश्वास उठ चुका है.
परीक्षा पत्रों के लीक होने के मामलों में सेना की मदद लिए जाने का उदाहरण देते हुए बघेल ने कहा कि जब सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर भरोसा नहीं रहता, तो सेना का इस्तेमाल किया जाता है. ठीक उसी तरह राम मंदिर ट्रस्ट में एयर मार्शल को लाना यह संकेत देता है कि ट्रस्ट के पुराने प्रबंधन में वित्तीय गड़बड़ियां हुई थीं.
उन्होंने कहा कि केवल नेतृत्व बदल देने से श्रद्धालुओं के मन में पैदा हुए सवाल खत्म नहीं होंगे और न ही इससे लोगों का खोया हुआ विश्वास वापस आ सकता है.
इस मुद्दे पर अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी कड़ा रुख अपनाया है. कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने कहा कि राम मंदिर का प्रबंधन साधु-संतों और धार्मिक परंपराओं को समझने वाले लोगों के हाथों में होना चाहिए, न कि सैन्य अधिकारियों के.
वहीं, उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सवाल उठाया कि नया सीईओ नियुक्त करने से क्या श्रद्धालुओं का कथित रूप से गायब हुआ दान वापस आ जाएगा? उन्होंने मांग की कि वित्तीय अनियमितताओं के आरोपी जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और राम मंदिर के मुख्य पद पर किसी जगद्गुरु शंकराचार्य की नियुक्ति की जानी चाहिए.