रेत माफिया ने आरक्षक को कुचला, हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
बलरामपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में रेत माफियाओं ने एक आरक्षक पर ट्रैक्टर चढ़ा कर उसकी हत्या कर दी. पुलिस की टीम अवैध रेत उत्खनन रोकनी पहुंची थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मंगलवार को स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई की.
चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और विभु दत्त गुरु की बेंच में सुनवाई हुई.
हाईकोर्ट ने कहा है कि अवैध खनन रोकने निर्देश के बाद यह हालत है. यह बहुत ही गंभीर बात है. इस तरह की घटना दोबारा नहीं होना चाहिए. हाईकोर्ट ने खनिज सचिव और वन विभाग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. वहीं पुलिस महानिरीक्षक को इस मामले में गंभीरता से जांच के निर्देश दिए हैं. अगली सुनवाई 9 जून को होगी.
ज्ञात हो कि सनावल थाना क्षेत्र के ग्राम लिबर स्थित कनहर नदी में अवैध रेत खनन किया जा रहा था. ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी.
रविवार देर रात को पुलिस की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी.
पुलिस को देखकर भाग रहे एक ट्रैक्टर को सनावल थाने में पदस्थ आरक्षक शिव बचन सिंह रोकने की कोशिश की.
लेकिन ट्रैक्टर चालक ने गाड़ी नहीं रोकी और तेजी से आरक्षक की ओर बढ़ा दिया. ट्रैक्टर की चपेट में आने से आरक्षक की मौत हो गई.
झारखंड के माफिया सक्रिय
बताया जा रहा है कि लिबरा गांव में करीब 4 महीने से रेत की तस्करी हो रही थी. जिसमें झारखंड के रेत माफिया सक्रिय थे.
उनके द्वारा ही रेत का अवैध खनन कराया जा रहा था. लिबर और कुसफर के ग्रामीणों ने इसकी शिकायत की थी.
शनिवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन ट्रैक्टरों को जब्त किया था. इसके बाद भी रेत माफिया रविवार की रात रेत खनन करने पहुंच गए थे.
जिसपर कार्रवाई करने के लिए वन विभाग और पुलिस की टीम पहुंची थी. उसी दौरान यह हादसा हुआ.
दो संदिग्ध हिरासत में
इस घटना के बाद पुलिस ने फरार रेत तस्करों को पकड़ने के लिए 5 टीमें गठित की है. टीम संदिग्ध ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है.
अभी तक पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.
इसमें पुलिस की भूमिका की भी जांच की जा रही है. 3 गाड़ियों को पकड़ने के बाद छोड़ने को लेकर भी जांच होगी कि किन परिस्थितियों में गाड़ियों को छोड़ी गई थी.
वहीं सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा ने सनावल के थाना प्रभारी दिव्य कांत पांडेय को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया है.