बिलासपुर में नमाज पढ़वाने के नाम पर प्रो. झा की गिरफ्तारी
छत्तीसगढ़ के जीजीयू बिलासपुर में नमाज के नाम पर प्रो झा की गिरफ्तारी
बिलासपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हिंदू छात्रों से नमाज पढ़वाने के आरोप में प्रोफेसर दिलीप झा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. हालांकि देर शाम स्थानीय अदालत से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया.
गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्रों ने आरोप लगाया था कि मार्च मेें हुए एनएसएस कैंप के दौरान ईद का त्यौहार आया और हिंदू छात्रों से प्रोफेसर द्वारा जबरन नमाज पढ़वाई गई.
इस कैंप में कुल 159 छात्रों में से 4 मुस्लिम और 155 हिंदू छात्र मौजूद थे.
बाद में इस मामले ने तूल पकड़ा और हिंदूवादी संगठनों ने यूनिवर्सिटी का घेराव कर जमकर बवाल किया. इसके साथ ही कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी.
पुलिस ने मामले में NSS को-ऑर्डिनेटर दिलीप झा समेत 8 लोगों के खिलाफ कोटा थाने में केस दर्ज किया है. हालांकि इस कार्यवाही को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं.
छात्रों ने कार्रवाई की मांग की थी
कुछ छात्रों के मुताबिक, विरोध करने पर उन्हें धमकी और सर्टिफिकेट नहीं देने की चेतावनी भी दी गई.
छात्रों ने कोनी थाना पुलिस से शिकायत करके प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. बसंत कुमार, कोआर्डिनेटर दिलीप झा सहित अन्य स्टॉफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी.
बहुत सारे छात्र इस मामले पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं.
बताया जा रहा है कि मुकदमे की कार्यवाही सिर्फ छात्रों की मांग के कारण नहीं बल्कि कई हिंदूवादी संगठनों के प्रदर्शन व दबाव के कारण हुई है.
शिविर में शामिल नहीं हुए थे प्रोफेसर
इधर, प्रोफेसर दिलीप झा का कहना था कि यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित एनएसएस कैंप में वो शामिल ही नहीं हुए थे.
ऐसे में उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कैंप में नमाज पढ़ाने की उन्हें जानकारी ही नहीं है. न ही कैंप में शामिल को-आर्डिनेटर ने उन्हें इसकी जानकारी दी थी.
ऐसे में बेवजह केस में आरोपी बनाया गया है.
पुलिस बोली- साक्ष्यों को किया प्रभावित, जांच में सहयोग नहीं
वहीं, सीएसपी और मीडिया प्रभारी रश्मित कौर चावला का कहना है कि इस मामले की जांच के बाद प्रो.दिलीप झा, डॉ. मधुलिका सिंह, डॉ. ज्योति वर्मा, डॉ. नीरज कुमारी, डॉ. प्रशांत वैष्णव, डॉ. सुर्यभान सिंह, डॉ. बसंत कुमार और टीम को-लीडर छात्र आयुष्मान चौधरी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
जांच में अपराध सबूत पाए जाने के साथ ही साक्ष्य को प्रभावित करने और विवेचना में सहयोग नहीं करने के कारण आरोपी प्रोफेसर दिलीप झा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया.
जहां से गुरुवार की शाम उन्हें जमानत दे दी गई.
क्या है मामला
इस मामले में शिकायत करने वाले एनएसएस कैंप में शामिल कुछ छात्रों का कहना है कि बाकी दिनों की तरह कैंप में सुबह 6:15 से 7:00 बजे योग करने छात्र एकजुट हुए, इसमें कुल 159 छात्र कैंप में थे.
इसमें 4 छात्र मुस्लिम थे. 31 मार्च को ईद उल फितर था. इस बीच कोऑर्डिनेटर ने चारों मुस्लिम छात्रों को मंच पर बुलाया. बाकी छात्रों को मुस्लिम छात्रों की तरह मंच पर नमाज अदा करने की प्रक्रिया को दोहराने और सीखने का आदेश दिया.
छात्रों का कहना है कि उन्होंने नमाज पढ़ने का विरोध भी किया. लेकिन, प्रोग्राम ऑफिसर और कोआर्डिनेटर उन्हें डराते-धमकाते रहे और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के साथ ही सर्टिफिकेट नहीं देने की चेतावनी देते रहे.
विश्वविद्यालय की समझ पर असर
छात्रों ने आरोप लगाया कि उनको मुस्लिम धर्म में कन्वर्ट कराने के लिए यह तरीका अपनाया गया था. इस बहाने उनका ब्रेन वॉश भी किया गया.
इन आरोपों व प्रत्यारोपों से सवाल उठ रहे हैं कि ये छात्र किसी स्कूल के नहीं हैं कि इस तरह से इन पर दबाव डाला जा सके.
विश्वविद्यालय के छात्रों को इस तरह किसी बात के लिए बाध्य करना असंभव प्रतीत होता है और वो भी जब वो बहुसंख्यक हों.