नक्सल उन्मूलन बस्तर को सुरक्षित करने का मिशन- साय
रायपुर | संवाददाताः मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर स्थित कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों में चल रहे नक्सल उन्मूलन अभियान की समीक्षा बैठक की. उन्होंने कहा कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करना हमारा लक्ष्य है. नक्सल उन्मूलन केवल एक अभियान नहीं बल्कि यह बस्तर और छत्तीसगढ़ के भविष्य को सुरक्षित करने का एक मिशन है. इस दिशा में हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त और विकासोन्मुख प्रदेश के रूप में पूरे देश में एक नई पहचान मिलेगी.इस दिशा में पुलिस अधिकारियों के साथ हमारे जवान बहुत ही अच्छा काम कर रहे हैं. उनकी बहादुरी का ही परिणाम है कि आज प्रदेश के कई क्षेत्र नक्सल प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं. अंतिम सफलता भी अब बहुत निकट है.
मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को नक्सल विरोधी अभियानों में आपसी समन्वय और सूचना संकलन तंत्र को और मजबूत करने के निर्देश दिए.
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जिलों में सुरक्षा और विकास दोनों को साथ लेकर चलना है. स्थानीय समुदायों का विश्वास जीतने के लिए संवाद बढ़ाया जाए. जनता को यह महसूस होना चाहिए कि उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा रहा है.
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जाए. क्षेत्र में विकास कार्यों को तेज गति से पूरा किया जाए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब निर्णायक मोड़ पर है. अधिकारी पूरी निष्ठा और सजगता के साथ इस ऐतिहासिक लक्ष्य को प्राप्त करने में अपनी भूमिका निभाएं.
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी सुरक्षा बल, प्रशासनिक अमला और प्रदेशवासी एकजुट होकर इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करेंगे और विकसित छत्तीसगढ़ के सपने को साकार करेंगे.
बैठक में गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव गृह मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम, विशेष डीजी नक्सल ऑपरेशंस, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.