एनटीपीसी प्लांट हादसाः एक और मजदूर की मौत
बिलासपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सीपत एनटीपीसी प्लांट में बुधवार को हुए हादसे में घायल एक और मजदूर की मौत हो गई. हादसे के बाद से उसे गंभीर हालत में अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उपचार के दौरान अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया.
इससे पहले बुधवार को ही एक श्रमिक की मौत हो गई थी. अब इस हादसे में मरने वाले श्रमिकों की संख्या दो हो गई है. वहीं तीन गंभीर रूप से घायलों का उपचार चल रहा है.
सीपत एनटीपीसी प्रबंधन की ओर से मृतकों के एक-एक परिजनों को संविदा में नौकरी और मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया है.
बिलासपुर के सीपत स्थित एनटीपीसी प्लांट में बुधवार को भीषण हादसा हो गया. प्लांट में मेंटेनेंस के दौरान प्लेटफॉर्म टूट गया था.
इस हादसे में 6 मजदूर ऊंचाई पर काम करते समय नीचे गिर गए थे. हादसे में कल ही एक मजदूर श्याम साहू की मौत हो गई थी.
वहीं प्रताप सिंह कंवर गंभीर रूप से घायल हो गया था. उसे अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया.
घटना की जानकारी लगते ही काफी संख्या में मजदूरों के परिजन प्लांट पहुंच गए थे. सभी अपनों का हाल जानने के लिए परेशान होते रहे.
सुरक्षा कर्मियों से बार-बार अंदर जाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई.
वहीं एनटीपीसी प्रबंधन की ओर से घटना के घंटों बाद भी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था. न ही घायलों और मृतकों की संख्या को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी दी थी.
इससे परिजन काफी आक्रोशित हो गए थे और चक्काजाम कर दिया था. एनटीपीसी प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था.
नाराज परिजनों को पुलिस और प्रशासन की टीम ने पहुंचकर काबू किया था.
प्लांट के मजदूरों का कहना है कि प्लेटफार्म पर क्षमता से अधिक भार होने की वजह से यह हादसा हुआ. प्लांट प्रबंधन द्वारा सुरक्षा का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया है. सुरक्षा के नाम पर सिर्फ हेलमेट और जैकेट दिया गया था.
मजदूरों का आरोप है कि प्रबंधन ने लापरवाही बरती है. जिस एयर हीटर प्लेटफॉर्म में खड़े होकर मजदूर ऊंचाई पर काम कर रहे थे, उसका स्ट्रक्चर कमजोर था. श्रमिकों ने प्रबंधन को इसकी जानकारी दी थी. इसके बाद भी ध्यान नहीं दिया गया था.
मुआवजा और नौकरी का वादा
हादसे के बाद जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और प्रबंधन की बैठक हुई. इसमें मृतकों के परिजनों को एनटीपीसी और ठेकेदार की ओर से 5-5 लाख रुपए मुआवजा देने का निर्णय लिया गया.
वहीं, पत्नी को संविदा पर अर्धकुशल पद पर रोजगार देने पर सहमति बनी. अंतिम संस्कार के लिए 50 हजार रुपए मदद देने का निर्णय लिया गया.