भारत माला प्रोजेक्ट में गड़बड़ी, 4 गिरफ्तार
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ में भारत माला प्रोजेक्ट के ज़मीन घोटाले को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 लोगों को गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में हरमीत खनूजा, उमा तिवारी, केदार तिवारी और विजय जैन शामिल हैं. गिरफ्तारी के बाद सभी को कोर्ट में पेश किया गया. जहां सुनवाई के बाद ईओडब्ल्यू की मांग पर चारों को 1 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है.
गौरतलब है कि एक दिन पहले ही इसी मामले को लेकर छत्तीसगढ़ के करीब 20 अधिकारी-कर्मचारियों के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी.
जिसमें एसडीएम, पटवारी, राजस्व निरीक्षक सहित राजस्व विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे.
इस मामले में निर्भय कुमार साहू, जितेन्द्र कुमार साहू, दिनेश पटेल, योगेश कुमार देवांगन, शशिकांत कुर्रे, लेखराम देवांगन, लखेश्वर प्रसाद किरण, बसंती धृतलहरे, रोशन लाल वर्मा, हरमीत सिंह खनूजा, उमा तिवारी, विजय जैन, दशमेश इन्ट्रावेंचर प्रालि, हृदय लाल गिलहरे और विनय कुमार गांधी के ठिकाने शामिल हैं.
जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए थे.
मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में उमा तिवारी और केदार तिवारी पति-पत्नी हैं.
दोनों को दूसरे की मुआवजा राशि 2 करोड़ रुपए अवैध तरीके से हड़पने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
वहीं हरमीत सिंह खनूजा पर कई किसानों की मुआवजा राशि हड़पने का आरोप है.
जबकि व्यापारी विजय जैन को उमा तिवारी से मिलकर अधिग्रहण का पैसा अवैध तरीके से प्राप्त करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
क्या है मामला
गौरतलब है कि भारत माला प्रोजेक्ट में अभनपुर के इलाके में ज़मीन का अधिग्रहण किया गया था. लेकिन राजस्व अधिकारियों ने जालसाजी करते हुए अधिग्रहण की जाने वाली ज़मीन को 159 खसरों में बांट कर 80 नए नाम रिकार्ड में चढ़ा दिए.
इस तरह जिस ज़मीन के लिए मुआवजा 29.5 करोड़ का होता, उसे 78 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया गया.
इसके लिए अधिकारियों ने बैक डेट में ज़मीन के कागज़ों में फेरबदल किया था. मामले में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने केंद्र को पत्र लिख कर मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी.
इसके बाद अभनपुर इलाके में निर्धारित की गई 324 करोड़ मुआवजा राशि में से 78 करोड़ रुपए का भुगतान रोक दिया गया था और मामले की जांच शुरु की गई थी.