नये स्मार्ट मीटर लगाने की कवायद, छह सौ करोड़ का होगा कबाड़ा
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया काफी तेज गति से जारी है. राज्य के 59 लाख बिजली उपभोक्ताओं में से लगभग 5 लाख 50 हजार कृषि कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को छोड़कर, बाकी सभी उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य है.
अभी तक करीब 11 लाख से अधिक घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं. नए मीटर लगने के साथ ही पुराने मीटर कबाड़ हो जाएंगे.
हालांकि विभाग का कहना है कि मीटर लगाने का काम पूरा होने के बाद उसकी नीलामी कर कबाड़ में बेचा जाएगा.
राजधानी रायपुर समेत प्रदेशभर में इन दिनों स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है.
प्रदेशभर में 54 लाख से ज्यादा उपभोक्ता हैं, जिनके घरों में स्मार्ट मीटर लगेगा, जो मोबाइल के सिम की तरह काम करेगा.
प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने के मामले में राजधानी रायपुर पहले स्थान पर है. यहां अभी तक दो लाख 59 हजार से अधिक मीटर लगाए जा चुके हैं.
इसके बाद बिलासपुर दूसरे नंबर पर हैं. यहां एक लाख नौ हजार से अधिक स्मार्ट मीटर लग चुके हैं.
इसी तरह धमतरी में 98 हजार, बलौदाबाजार में 78 हजार, महासमुंद में 82 हजार, राजनांदगांव में 67 हजार, जांजगीर चांपा में 29 हजार, कोरबा में 42 हजार और रायगढ़ जिले में 25 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं.
नये की कीमत पुराने से चार हजार ज्यादा
प्रदेश में जो इस समय डिजिटल मीटर लगे हैं, वो करीब छह सौ करोड़ के हैं. आने वाले समय में ये सारे मीटर कबाड़ हो जाएंगे.
उपभोक्ताओं के घरों में पहले के लगे प्रति मीटर हजार रुपए के आस-पास के थे. वहीं नए मीटर करीब पांच हजार के हैं. इनको लगाने पर करीब चार हजार करोड़ का खर्च आएगा.
मीटर लगाने वाली कंपनी भी पुराने मीटर को रखना नहीं चाहती. क्योंकि स्मार्ट मीटर लगने के बाद पुराने मीटर उपयोग हीन हो जाएंगे.
यही वजह है कि इसे कबाड़ में बेचने की योजना बनाई जा रही है. जिससे इन पुराने मीटर से राजस्व प्राप्त हो सके.
अकेले रायगढ़ में 19 करोड़ के मीटर होंगे कबाड़
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अकेले रायगढ़ जिले में नए मीटर लगने के बाद 2 लाख 68 हजार मीटर कबाड़ हो जाएंगे. जिसकी कीमत करीब 18 करोड़ 76 हजार होगी.
अब तक यहां 25 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं. इसके बदले में निकले पुराने मीटरों को लेकर कई दिनों तक संशय बना हुआ था.
अब इसे एकत्र कर विभाग के एरिया स्टोर में रखा जा रहा है. जब तक मीटर बदलने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती तब तक यह पुराने मीटर कबाड़ की तरह ही पड़े रहेंगे.
इस संबंध में ईई सीएसईबी बीआर साहू ने बताया कि रायगढ़ में पुराने मीटर की संख्या 268 लाख है. इन्हें एरिया स्टोर में रखा जा रहा है.
बाद में रायपुर भेजा जाएगा. जहां नीलामी के बाद इसे कबाड़ में संबंधित कंपनी को विक्रय किए जाने की योजना है.
बताया गया कि पुराने मीटर की कीमत प्रति मीटर करीब हजार रुपए थी. वहीं जिले में करीब 2 लाख 68 हजार उपभोक्ता हैं.
इन पुराने मीटर की कीमत करीब 26 करोड़ 80 लाख रुपए आंकी गई है.
हाफ योजना की मिलेगी छूट
स्मार्ट मीटर लगने के बाद भी बिजली बिल हाफ योजना का लाभ उपभोक्ताओं को मिलता रहेगा.
इस योजना के तहत मिलने वाली रियायत उपभोक्ताओं को देने के लिए मीटर में ऑटोमेटिक रूप से व्यवस्था की जाएगी.
जिससे रिचार्ज में ही छूट के लाभ के अनुसार उपभोक्ता का पैसा प्रति यूनिट कटेगा.
इसमें माइनस 300 रुपए तक बैलेंस होने के कारण उपभोक्ता को अलग से न्यूनतम बैलेंस की जरूरत नहीं होगी.
हालांकि यदि कोई उपभोक्ता दो से तीन माह के लिए घर से बाहर जा रहे हैं तो ऐसी स्थिति में उन्हें मीटर में न्यूनतम बैलेंस रखना होगा.
एडवांस में कराना होगा रिचार्ज
स्मार्ट मीटर के सक्रिय हो जाने के बाद उपभोक्ता के घरों में बिजली बिल आना बंद हो जाएगा. उपभोक्ताओं को इसके लिए एडवांस में रिचार्ज कराना होगा.
रिचार्ज सिस्टम मोबाइल फोन की तरह होगा. खाते में रकम खत्म होते ही बिजली अपने आप कट जाएगी.
हालांकि बैलेंस खत्म होने के बाद भी 300 रुपए तक का क्रेडिट दिया जाएगा. इस बीच उन्हें रिचार्ज कराना होगा और अगले रिचार्ज से ये रकम काट ली जाएगी.
स्मार्ट मीटर के शुरू होते ही मैनुअल रीडिंग भी खत्म हो जाएगी. विद्युत विभाग के कर्मचारी स्टेशन से ही सभी घरों की बिजली खपत की गणना कर सकते हैं.
प्रीपेड मीटर में छोटा मॉडम लगाया गया है. इसे सर्वर के साथ उपभोक्ताओं के मोबाइल से कनेक्ट किया जाएगा.
इससे उपभोक्ताओं को जानकारी मिलती रहेगी कि उनके पास कितना बैलेंस बचा है और वे और कितनी यूनिट बिजली का उपयोग कर सकते हैं.
रिचार्ज खत्म होने से पहले ही उपभोक्ताओं के मोबाइल पर बैलेंस रिचार्ज का मैसेज भी आ जाएगा.
प्रदेश में 59 लाख उपभोक्ता
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के मुताबिक प्रदेश में वर्तमान में 59 लाख बिजली उपभोक्ता हैं. इनमें से करीब 5 लाख 50 हजार उपभोक्ता कृषि कनेक्शन वाले हैं.
इस योजना के तहत कृषि उपभोक्ताओं को छोड़कर सभी उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे.
कृषि उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की योजना से बाहर रखा गया है. केंद्र सरकार के रिवेम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत ये मीटर लगाए जा रहे हैं.
छत्तीसगढ़ के अलावा बिहार, गुजरात, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गोवा और दमन-दीव में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.