भारतमाला में भ्रष्टाचार को लेकर विधानसभा में हंगामा
छत्तीसगढ़ भारतमाला में भ्रष्टाचार को लेकर सदन में हंगामा, वॉकआउट
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ विधानसभा में बुधवार को भारतमाला परियोजना में भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा हुआ. नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि भारतमाला परियोजना में बड़ी गड़बड़ी की गई है.
उन्होंने कहा कि इसमें नेता से लेकर अधिकारी कई लोग मिले हुए हैं. उन्होंने इसकी सीबीआई जांच की मांग की है.
इस पर विभागीय मंत्री टंकराम वर्मा ने भ्रष्टाचार होने की बात स्वीकारते हुए आयुक्त से जांच कराने की घोषणा की.
मंत्री के इस जवाब से नाराज विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया.
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि अधिसूचना जारी होने के बाद रकबे का टुकड़ा कर दिए गए. पहले से अधिकृत भूमि का दोबारा भू-अर्जन किया गया. ट्रस्ट के बदले ट्रस्ट के व्यक्ति को मुआवजा मिल गया.
उन्होंने बताया कि इस मामले में डिप्टी कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार और पटवारी पर कार्रवाई की गई है. मंत्री के इस जवाब पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने से कुछ नहीं होता. उन्हें तो जेल भेज देना चाहिए.
निलंबन ऐसी प्रक्रिया है, जिससे दोषी जल्द बच जाते हैं. निलंबन से लौटने के बाद फिर अधिकारी उसी हिसाब से काम करते हैं. उन्होंने कहा कि यह बड़ी गड़बड़ी है. इस पर सरकार को निष्पक्ष जांच करानी चाहिए. साथ ही उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की है.
जब विपक्ष की ओर से सीबीआई जांच की मांग उठी तो मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विपक्ष को घेर लिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने तो सीबीआई को बैन किया था. अब कांग्रेस ही सीबीआई जांच की मांग कर रही है.