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डीएमएफ घोटालाः रानू-सौम्या समेत 4 की जमानत याचिका खारिज

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Hupendra Sharma

14 मई 2025, 02:35 PM 2 मिनट में पढ़ें 1

डीएमएफ घोटाला
डीएमएफ घोटाला

बिलासपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला घोटाला मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पूर्व आईपीएस रानू साहू, पूर्व सीएम भूपेश बघेल की तत्कालिन उप सचिव सौम्या चौरसिया, एनजीओ संचालक मनोज कुमार और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया. जस्टिस एनके व्यास ने सुनवाई के बाद याचिका खारिज की है.


कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि मामले में एफआईआर और केस डायरी में उपलब्ध जानकारी का अवलोकन करने के बाद आवेदक की धारा 7 और 12 के तहत अपराध करना प्रतीत होता है.

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अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया पीसी एक्ट के तहत आर्थिक अपराध परिलक्षित होता है.  एफआईआर और रिकॉर्ड में रखी गई अन्य सामग्री को देखते हुए, प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि आवेदक का संबंधित अपराध में संलिप्तता है. 


कोर्ट ने कहा कि इस विचार से यह आवेदक को नियमित जमानत देने के लिए उपयुक्त मामला नहीं है. यह टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने सभी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं.


सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद भी सौम्या चौरसिया, रानू साहू और सूर्यकांत तिवारी की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं. 


90 करोड़ का घोटाला

प्रदेश में डीएमएफ यानी डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन के फण्ड में गड़बड़ी पाई गई थी. इस मामले की जांच पहले केंद्र की एजेंसी ईडी ने की और प्रकरण दर्ज किया.


इसके बाद ईडी ने इस मामले में ईओडब्ल्यू/एसीबी में एफआईआर दर्ज कराया. इसी मामले में ईओडब्ल्यू ने सूर्यकांत तिवारी, सौम्या चौरसिया और रानू साहू की गिरफ्तारी की है.


जांच में ईडी ने अनुमान लगाया है कि डीएमएफ घोटाले की राशि 90 करोड़ 48 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है. ईडी की जांच ने डीएमएफ घोटाले के तौर-तरीकों का खुलासा किया है.


इसमें यह बात सामने आई है कि ठेकेदारों के बैंक खाते में जमा की गई राशि का बड़ा हिस्सा ठेकेदारों ने सीधे नगद के रूप में निकाल लिया है.


जांच के दौरान ईडी ने ठेकेदारों और उनके सहयोगियों के अगल-अगल ठिकानों पर छापेमारी की थी.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP