गंगालूर-मिरतूर सड़क निर्माण गड़बड़ी, PWD के 5 अधिकारी गिरफ्तार
बीजापुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के गंगालूर-मिरतूर सड़क निर्माण में गड़बड़ी को लेकर पुलिस ने पीडब्ल्यूडी विभाग के 5 अफसरों को गिरफ्तार किया है. जिसमें ईई, एसडीओ और सब इंजीनियर शामिल हैं.
इसी सड़क के निर्माण में भ्रष्टाचार को एनडीटीवी के पत्रकार नीलेश त्रिपाठी ने मुकेश चंद्राकर के साथ मिल कर उजागर किया था. जिसके बाद मुकेश चंद्राकर की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में पुलिस पहले ही कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी कर चुकी है.
ज्ञात हो कि नेलसनार-कोड़ोली-मिरतुर-गंगालूर सड़क निर्माण के लिए साल 2010 में 73.08 करोड़ रुपए की मंजूरी मिली थी.
सड़क निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार किया गया था. जिसका पर्दाफाश करने पर पत्रकार मुकेश चन्द्राकर की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी.
पत्रकार की हत्या के मामले में एसआईटी जांच कर रही है. हत्या के मामले में गिरफ्तारी के बाद सड़क की गड़बड़ी की भी जांच की जा रही थी.
जांच में विभागीय अफसरों की संलिप्तता के साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने अधिकारियों को गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तार अधिकारियों में आर. साहू सेवानिवृत्त कार्यपालन अभियंता, वी.के.चौहान सेवानिवृत्त कार्यपालन अभियंता, एच.एन. पात्र तत्कालीन कार्यपालन अभियंता सुकमा, प्रमोद सिंह कंवर एसडीओ बीजापुर और संतोष दास उप अभियंता, जगदलपुर शामिल हैं.
सभी अधिकारियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया. जहां कोर्ट ने दो दिन के लिए न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया.
पत्रकार मुकेश हत्याकांड में 1241 पन्नों का आरोप पत्र
गौरतलब है पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड की जांच कर रही एसआईटी की टीम कोर्ट में चार्जशीट पेश कर चुकी है.
एसआईटी ने केस डायरी सहित 1241 पन्नों का आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया है. जिसमें सुरेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर, रितेश चंद्राकर और महेन्द्र रामटेके को आरोपी बनाया है.
चार्जशीट में दावा किया गया है कि मास्टर माइंड सुरेश चंद्राकर द्वारा पत्रकार मुकेश चन्द्राकर की हत्या की योजना बनाई गई थी.
आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर और उनकी साथियों के द्वारा नेलसनार- मिरतूर -गंगालूर सड़क निर्माण कार्य में अनियमितता के सम्बंध में पत्रकार मुकेश चंद्राकर द्वारा बनाया गया समाचार उनकी हत्या का मूल कारण बना.