तांदुला-मनियारी सहित 19 बांध लबालब
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ में इस वर्ष अच्छी बारिश के चलते प्रदेश के 19 बांधों में शत-प्रतिशत जलभराव हो चुका है. इसमें तीन बड़े बांध तांदुला, मनियारी व खारंग और 16 मध्यम श्रेणी के बांध शामिल हैं. वहीं 10 बांध छलकने के कगार पर हैं. इनमें 90 प्रतिशत से अधिक जलभराव हो चुका है.
छत्तीसगढ़ में 12 बड़े और 34 मध्यम श्रेणी के बांध हैं. जिसमें अब तक 86.78 प्रतिशत जल संग्रहण हो चुका है.
जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 12 बड़े बांधों में पिछले वर्ष की तुलना में 16.45 प्रतिशत जबकि मध्यम में 12.94 प्रतिशत अधिक जल संग्रहण हुआ है.
पिछले साल बड़े बांधों में 69.66 और मध्यम में 77.43 प्रतिशत जल संग्रहण हुआ था. जबकि वर्तमान स्थिति में क्रमशः 86.11 व 90.37 प्रतिशत है.
शत-प्रतिशत जलभराव
बालोद जिले का तांदुला, खरखरा
बिलासपुर का खारंग, घोंघा
मुंगेली का मनियारी
बस्तर का कोसारटेड़ा
कांकेर का परलकोट
कवर्धा का चिरपानी, बेहराखार
राजनांदगांव का मिटयामोति, रुसे और धारा
कोरिया का गेज
रायगढ़ का खम्हारकुट, किंनकरी
सरगुजा का बंकी, कुंवरपुर, बरनई
दुर्ग का खपरी
इन बांधों में 90 प्रतिशत से अधिक जलभराव
धमतरी का गंगरेल बांध में 90.72 फीसदी
गरियाबंद का सिकासेर 96.64 प्रतिशत
राजनांदगांव का पिपरिया नाला 98.37 व मोगरा 92.92 फीसदी
कवर्धा का सुतियापाट 95.93 व कारा नाला 99.21 प्रतिशत
कोरिया का झुमका 99.44 प्रतिशत
रायगढ़ का कोडार 92.49 और पुटका नाला 92.74 प्रतिशत
कांकेर का मायना में 96.59 फीसदी जलभराव हो चुका है.
राज्य के बड़े बांधों में जल भंडारण की स्थिति
मिनीमाता बांगो- 88.20 प्रतिशत
रविशंकर सागर- 90.72 प्रतिशत
तांदुला जलाशय- 100 प्रतिशत
दुधावा जलाशय- 54.24 प्रतिशत
सिकासार बांध- 96 प्रतिशत
खारंग जलाशय 100 प्रतिशत
सोंदूर जलाशय- 72.76 प्रतिशत
मुरुमसिल्ली- 89.86 प्रतिशत
कोडार जलाशय- 41.93 प्रतिशत
मनियारी जलाशय- 100 प्रतिशत
केलो जलाशय- 50.78 प्रतिशत
अरपा भैंसाझार- 26.14 प्रतिशत जलभराव हो चुका है.