पुलिस पूछताछ के सदमे में 18 साल की बेटी ने फांसी लगाई
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के अमलीडीह इलाके में एक ऐसी त्रासदी घटी है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया. मारुति रेसिडेंसी अपार्टमेंट में रहने वाली 18 वर्षीय अमीना पटेल ने बुधवार दोपहर अपने कमरे में खुद को फंदे पर लटका लिया. यह घटना राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली है, जहां परिवार का आरोप है कि बेवजह की पुलिस कार्रवाई ने उनकी इकलौती बेटी को मौत के मुहाने पर धकेल दिया.
जानकारी के अनुसार, अमीना के पिता महेंद्र पटेल पर 2022 से मंदिर हसौद थाने में नारकोटिक्स एक्ट के तहत मुकदमा चल रहा है. वे लंबे समय से फरार हैं और कोर्ट ने उनके खिलाफ कई वारंट जारी किए हैं.
इसी क्रम में पुलिस ने अमीना की मां खिली पटेल को सूचना जुटाने के उद्देश्य से महिला थाने बुलाया. मां के थाने पहुंचते ही अमीना घर पर अलमस्त रह गई. कुछ पलों बाद पड़ोसियों को अंदर से कुछ असामान्य आवाजें सुनाई दीं. उन्होंने फौरन दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल होने की कोशिश की और अमीना को फंदे से उतार लिया.
तुरंत ही युवती को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृतक घोषित कर दिया.
परिवार के सदस्यों का कहना है कि पुलिस की इस कार्रवाई ने अमीना पर इतना गहरा मनोवैज्ञानिक आघात पहुंचाया कि वह बर्दाश्त न कर सकी. वे इसे पुलिस की ज्यादती बता रहे हैं और न्याय की गुहार लगा रहे हैं. अमीना अपने माता-पिता की एकमात्र संतान थी, जिसकी मौत से घर में सन्नाटा पसर गया है. परिजन सदमे में हैं और रो-रोकर बिलख रहे हैं.
पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है. अधिकारी सभी कोणों से इसकी पड़ताल कर रहे हैं, जिसमें परिवार के आरोपों पर भी नजर रखी जा रही है. इलाके में यह खबर फैलते ही लोग सवाल उठाने लगे हैं कि क्या निर्दोष परिजनों पर दबाव डालना उचित है? फिलहाल, पुलिस ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है