जेल से छूटे विक्रम भट्ट बोले- 'जहां कृष्ण जन्मे, मैं वहीं रहकर आया हूं'
उदयपुर । डेस्क: बहुकरोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में उदयपुर जेल में बंद फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट शुक्रवार को रिहा हो गए. जेल की दहलीज से बाहर कदम रखते ही 57 वर्षीय निर्देशक के सुर दार्शनिक नजर आए.
मीडिया से बात करते हुए भट्ट ने अपनी आपबीती को पौराणिक संदर्भों से जोड़ते हुए कहा, "मैं भगवान कृष्ण का भक्त हूँ और मैं उसी स्थान पर रहकर आया हूँ जहाँ उनका जन्म हुआ था." उन्होंने जेल को 'पांचवां धाम' बताते हुए कहा कि वह पहले से दोगुने बेहतर इंसान बनकर बाहर आ रहे हैं और अब कृष्ण की तरह ही एक नई लड़ाई लड़ेंगे.
मेवाड़ की माटी का तिलक लगाकर बाहर निकले विक्रम भट्ट ने न्यायपालिका पर अपना भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि जेल में उनके एक मित्र ने उन्हें सिखाया कि मेवाड़ की धरती पर सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं.
गौरतलब है कि विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को राजस्थान पुलिस ने दिसंबर 2025 में मुंबई से गिरफ्तार किया था. उन पर 'इन्दिरा आईवीएफ' के मालिक अजय मुर्डिया ने अपनी दिवंगत पत्नी की बायोपिक के नाम पर 30 करोड़ रुपये की ठगी और फर्जी बिल बनाने का आरोप लगाया था.
राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में उन्हें राहत प्रदान की, जिसके बाद उनकी रिहाई संभव हो सकी.