पंजाब से हेरोइन लाकर छत्तीसगढ़ में बेचने वाले गिरफ्तार
दुर्ग । संवाददाता:छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस ने 'ऑपरेशन विश्वास' की जोरदार मुहिम चलाई है. विश्वसनीय मुखबिर की टिप से खुर्सीपार इलाके में दबिश देकर अधिकारियों ने नौ संदिग्धों को काबू कर लिया. इनके पास से मादक पदार्थों की भारी खेप, एक लग्जरी कार और ढेर सारा नगदी जब्त होने से साफ हो गया कि यह एक सुनियोजित अंतरराज्यीय गिरोह था. सभी को एनडीपीएस कानून की कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अदालत में पेश कर दिया गया है.
मामला तब तब पकड़ा जब मुखबिर ने बताया कि खुर्सीपार के मिनी स्टेडियम के आसपास कुछ लोग हेरोइन की खेप बेचने की तैयारी में मंडरा रहे हैं. फौरन हरकत में आई पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दो मुख्य संदिग्धों को धर दबोचा. उनकी तलाशी से 14 ग्राम शुद्ध हिरोइन बरामद हुई. गहन पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि यह माल पंजाब से मंगवाकर स्थानीय स्तर पर लोकेश अवस्थी, दीपक साहू और निहाल जैसे सदस्यों को सप्लाई करते थे.
जांच की डोर को और आगे बढ़ाने पर पुलिस को रणजीत सिंह और अल्ताफ कुरैशी जैसे बड़े नामों तक पहुंचना पड़ा, जहां से अतिरिक्त हिरोइन की जब्ती हुई. कड़ी चाक-चौबंद पूछताछ से एक विशाल नेटवर्क का भंडाफोड़ हो गया.
संदिग्धों ने खुलासा किया कि जामुल की एक महिला और उसके बेटे किशन सिंह इस चक्रव्यूह के सूत्रधार थे. ये लोग पंजाब से हिरोइन आयात कर उसे 20 हजार रुपये प्रति ग्राम के फलते-फूलते दाम पर बाजार में उतारते थे. किशन का काम था ग्राहकों तक डिलीवरी सुनिश्चित करना, जो इस कारोबार को चुपचाप चलाने में माहिर था.
इस अभियान में पुलिस ने महिला और किशन के ठिकाने से 8 लाख 90 हजार रुपये की नकदी जब्त की. कुल मिलाकर, छापेमारी में 51.70 ग्राम हिरोइन, 281 ग्राम डोडा (अफीम का कच्चा रूप), एक स्विफ्ट कार और नौ स्मार्टफोन बरामद हुए. विशेषज्ञों के मुताबिक, इन जब्त वस्तुओं और नकदी का बाजार मूल्य करीब 24 लाख रुपये से अधिक आंका जा रहा है.
पुलिस महकमे ने इसे नशामुक्ति अभियान की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि ऐसे गिरोहों को कुचलने के लिए मुखबिर नेटवर्क को और मजबूत किया जाएगा. स्थानीय निवासियों में भी इस कार्रवाई से राहत की सांस बही है, क्योंकि नशे का जाल युवाओं को तेजी से लील रहा था. जांच जारी है, और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है.