महानदी जल विवाद: बीजू जनता दल ने ट्रिब्यूनल के आंकड़ों पर उठाए सवाल
भुवनेश्वर । डेस्क: ओडिशा के प्रमुख विपक्षी दल बीजू जनता दल (बीजद) ने महानदी जल विवाद को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार पर बड़ा हमला बोला है. बीजद ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ द्वारा नदी के ऊपरी हिस्से में बनाए गए बैराजों के कारण हीराकुंड जलाशय में पानी की आवक गंभीर रूप से प्रभावित हुई है.
ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के उपनेता और पूर्व मंत्री प्रसन्न आचार्य ने संयुक्त तकनीकी समिति (JTC) द्वारा महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण (MWDT) को सौंपी गई रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि आंकड़ों का विश्लेषण एक चिंताजनक तस्वीर पेश करता है.
रिपोर्ट के अनुसार, 1980-81 से 2018-19 की अवधि के दौरान ओडिशा और छत्तीसगढ़ के लिए कुल जल उपलब्धता क्रमशः 33.17 MAF और 28.94 MAF आंकी गई है.
आचार्य ने विशेष रूप से हीराकुंड जलाशय तक की जल उपलब्धता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ऊपरी क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के लिए यह आंकड़ा 27.76 MAF है, जबकि ओडिशा के हिस्से में यह केवल 4.82 MAF रह गया है.
उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ द्वारा निर्मित अवैध बैराजों के कारण जल प्रबंधन पूरी तरह गड़बड़ा गया है. आचार्य ने सुझाव दिया कि हालांकि ट्रिब्यूनल से इन बैराजों को तोड़ने की उम्मीद करना वास्तविक नहीं है, लेकिन न्यायाधिकरण को छत्तीसगढ़ को निर्देश देना चाहिए कि वह हीराकुंड के सुचारू संचालन के लिए एक निश्चित मात्रा में पानी नियमित रूप से छोड़े.
इस मामले में ट्रिब्यूनल की अगली सुनवाई 30 मई को होनी है.