जशपुर में ससुर द्वारा बहू के साथ रेप के लिए 10 साल की सजा
जशपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिला न्यायालय ने एक ससुर को अपनी बहू के साथ दुष्कर्म करने के मामले में 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही दोषी पर 2,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. जुर्माना न चुकाने की स्थिति में दोषी को एक साल की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी.
यह फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जनार्दन खरे ने 22 अगस्त को सुनाया.
घटना 13 अगस्त 2022 को हुई थी. पीड़िता ने पंडरापाठ चौकी पुलिस स्टेशन, बगीचा में शिकायत दर्ज की थी. उसने बताया कि 12 अगस्त को जब उसका पति काम के लिए बाहर गया था, वह धान रोपाई के दौरान लगी चोट के कारण घर पर आराम कर रही थी.
तभी उसका ससुर, जो दोषी है, जबरन कमरे में घुस आया और उसके साथ दुष्कर्म किया. पीड़िता के शोर मचाने और उसकी नाबालिग बेटी के चिल्लाने पर पड़ोसियों ने आकर उसे दोषी के चंगुल से छुड़ाया.
सार्वजनिक अभियोजक अनुपम तिर्की के अनुसार, पीड़िता की शिकायत के आधार पर बगीचा पुलिस स्टेशन ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और 450 के तहत मामला दर्ज किया. पुलिस ने दोषी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया और निर्धारित समय के भीतर चार्जशीट भी प्रस्तुत की.
फैसला सुनाते समय न्यायाधीश जनार्दन खरे ने रामचरितमानस के श्लोक का उल्लेख किया और कहा कि रिश्तों को कलंकित करने वाला व्यक्ति कठोर सजा का पात्र है.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रामचरितमानस केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि सामाजिक मर्यादा और आचरण को बनाए रखने का शाश्वत संदेश भी है.
उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी महिला की अस्मिता का हनन पूरी तरह अस्वीकार्य है और इसके लिए कठोर दंड जरूरी है.