रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

छत्तीसगढ़: सूरजपुर में स्कूली बच्चों से मजदूरी कराने पर हाईकोर्ट सख्त

C

CG Khabar

03 मार्च 2026, 02:31 PM 2 मिनट में पढ़ें 3

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से बाल श्रम का एक हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहाँ एक सरकारी सहायता प्राप्त डीएवी स्कूल में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत पढ़ने वाले गरीब बच्चों से सीमेंट मिलवाने और दीवारें पुतवाने जैसे भारी काम कराए गए. बिलासपुर हाईकोर्ट ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कड़ी नाराजगी जताई है और शिक्षा सचिव को 11 मार्च 2026 तक विस्तृत हलफनामा पेश करने का आदेश दिया है. 


मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अन्य सुनवाई रोककर इस पर तुरंत संज्ञान लिया और इसे आरटीई मानदंडों का खुला उल्लंघन बताया.

विज्ञापन


तिलसिवा स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल विधु शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने बच्चों को निर्माण कार्य और पुताई के काम में लगाया. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बच्चे सीमेंट की बोरियां उठाते दिख रहे हैं और काम न करने पर उन्हें स्कूल से निकालने (TC काटने) की धमकी दी गई, जिससे कई बच्चों के हाथों में छाले तक पड़ गए हैं. 


पीड़ित अभिभावकों ने कलेक्टर से शिकायत करते हुए बताया कि प्रिंसिपल ने न केवल बच्चों का शोषण किया, बल्कि उनके साथ अपमानजनक व्यवहार भी किया. 


मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है, जबकि मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है. रायगढ़ के एक आदिवासी कन्या छात्रावास में भी इसी तरह का मामला सामने आने के बाद अब पूरे प्रदेश में आरटीई के क्रियान्वयन और बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP