छत्तीसगढ़: दुर्गा विसर्जन के दौरान कांग्रेस नेता और उनके भाई पर जानलेवा हमला
अंबिकापुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान कांग्रेस पार्टी के एक जिला सचिव और उनके भाई पर करीब 15 से 20 हथियारबंद हमलावरों ने जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें वे बुरी तरह घायल हो गए. पुलिस ने इस मामले में जीरो एफआईआर (Zero FIR) दर्ज कर ली है और आगे की जांच जारी है.
यह घटना 3 अक्टूबर को हुई बताई जा रही है. पीड़ित दिलीप धर, जो कांग्रेस पार्टी के जिला सचिव हैं, और उनके भाई राजेंद्र धर को गंभीर चोटें आई हैं. दिलीप धर के बेटे दीपेश धर हमले में बाल-बाल बच गए.
दिलीप धर ने पुलिस को बताया कि वे अपने भाई और बेटे के साथ लाटोरी पुलिस चौकी क्षेत्र के तहत सोनवाही डैम से दुर्गा प्रतिमा विसर्जित करके लौट रहे थे. इसी दौरान 15-20 हमलावरों ने उन्हें धारदार हथियारों से घेर लिया और उन पर हमला कर दिया.
दिलीप धर ने बताया कि उन्हें पहले ही पता चल गया था कि हमलावर उन पर हमला करने की योजना बना रहे हैं, इसलिए उन्होंने अपने भाई और बेटे को मौके पर बुलाया था.
हमले के बाद घायल अवस्था में जब दिलीप धर शिकायत दर्ज कराने गांधीनगर पुलिस स्टेशन पहुँचे, तो उन्हें वहाँ आरोपियों के एक सहयोगी, शुभजीत मंडल को देखकर आश्चर्य हुआ, जो उन्हीं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने में मौजूद था.
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, हमलावरों ने पहले दिलीप धर को बुरी तरह पीटा. जब उनके भाई राजेंद्र धर बीच-बचाव करने आए, तो उपद्रवियों ने उन्हें भी पीटा, जिससे उन्हें भी गंभीर चोटें आईं. दोनों घायलों को बाद में इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया.
दिलीप धर ने हमले में शामिल कुछ हमलावरों की पहचान विशाल मजूमदार, अमर पांडेय, कमल पांडेय, विनीत बोस, विशाल घोष, पवन विश्वास और उज्जवल के रूप में की है. इस बीच, स्थानीय लोगों ने शिकायत की है कि घटना की सूचना गांधीनगर पुलिस को दिए जाने के बावजूद, पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुँची.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP), अमोलक सिंह ढिल्लन ने पुष्टि की है कि हमले के संबंध में जीरो एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच अब लाटोरी पुलिस स्टेशन द्वारा की जाएगी.