छत्तीसगढ़: कांग्रेस ने मांगा CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, कई जिलों में प्रदर्शन
रायपुर । संवाददातता: छत्तीसगढ़ में चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का गुस्सा फूट पड़ा है. मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और 'वोट चोरी' के गंभीर आरोप लगाते हुए सोमवार को प्रदेश भर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.
राजधानी रायपुर से लेकर दुर्ग, रायगढ़, सरगुजा, राजनांदगांव और महासमुंद जैसे प्रमुख जिलों में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी बहस के साथ झड़पें भी देखने को मिलीं.
रायपुर के राजीव गांधी चौक से शुरू हुए इस पैदल मार्च में प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव जैसे दिग्गज नेता शामिल हुए. कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने जब बैरिकेड्स लगाकर रोका, तो माहौल तनावपूर्ण हो गया.
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लोकतांत्रिक मर्यादाओं के उल्लंघन का आरोप लगाया. उन्होंने केरल के पूर्व मुख्य सचिव जीजी थॉमसन के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें दावा किया गया था कि 2016 में ज्ञानेश कुमार ने उन्हें भाजपा के टिकट पर 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ने का सुझाव दिया था.
हालांकि, इन आरोपों पर अब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है. वहीं, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण और परिसीमन को सत्ताधारी दल को लाभ पहुंचाने की साजिश बताते हुए सर्वोच्च न्यायालय से इस मामले में स्वतः संज्ञान लेने की अपील की.
पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने चुनाव प्रक्रियाओं पर सवाल उठाते हुए विशेष पुनरीक्षण (SIR) के बाद हुए सभी चुनावों को रद्द कर नए सिरे से मतदान कराने की मांग उठाई, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुर्ग में काले कपड़ों में कार्यकर्ताओं का नेतृत्व करते हुए निष्पक्ष जांच की पैरवी की.
राज्यभर से सामने आई इन प्रदर्शनों की तस्वीरों के बीच रायगढ़ में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर सीईसी को बर्खास्त करने की मांग की है. कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि स्मार्ट मीटर, मतदाता सूची में बदलाव और कथित धांधली के खिलाफ यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा.