CGPSC भर्ती घोटाला: SC से पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और ललित गनवीर को मिली जमानत
नई दिल्ली । डेस्क: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित धांधली के मामले में गिरफ्तार आयोग की तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक ललित गनवीर को उच्चतम न्यायालय से बड़ी राहत मिल गई है. न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की द्विपिठ ने दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद दोनों आरोपियों को नियमित जमानत पर रिहा करने का निर्देश जारी किया है.
इस अदालती आदेश के साथ ही लंबे समय से जेल में बंद दोनों अधिकारियों की रिहाई का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है.
शीर्ष अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पी.बी. मुरेश और अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा ने पक्ष रखते हुए कहा कि याचिकाकर्ता एक साल से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में हैं और जांच एजेंसी पहले ही चार्जशीट प्रस्तुत कर चुकी है. उन्होंने कोर्ट को अवगत कराया कि मामले में 100 से अधिक गवाहों से पूछताछ होनी है, जिससे मुकदमे की सुनवाई पूरी होने में काफी समय लगेगा.
बचाव पक्ष ने यह स्पष्ट किया कि इस प्रक्रियात्मक देरी में आरोपी की कोई भूमिका नहीं है, बल्कि यह अभियोजन की मंजूरी से जुड़ी औपचारिकताओं के कारण हो रही है. साथ ही, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दायर आरोपों में वासनिक की सीधे तौर पर कोई प्रत्यक्ष संलिप्तता नहीं दर्शाई गई है और जिन अभ्यर्थियों पर लाभ उठाने का आरोप है, उनकी नियुक्तियों पर पहले से ही रोक लगी हुई है.
उल्लेखनीय है कि यह पूरा मामला वर्ष 2020 से 2022 के दौरान आयोजित हुई भर्ती परीक्षाओं और साक्षात्कारों में हुई व्यापक अनियमितताओं से जुड़ा है. इसमें प्रभावशाली व्यक्तियों और अधिकारियों से संबंधित अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाकर चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी करने के गंभीर आरोप लगे थे.
राज्य सरकार की सिफारिश पर इस पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी, जिसने छापेमारी कर कई दस्तावेज जब्त किए थे. इस जांच के तहत आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी समेत कई अन्य लोगों पर भी कानूनी शिकंजा कसा जा चुका है.