देश के नक्शे पर चमकेगा बस्तर का आम
जगदलपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित दो दिवसीय 'बस्तर आम महोत्सव-2026' का शानदार समापन हो गया है. क्रांतिकारी डेबरीधुर उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र परिसर में जुटे देशभर के कृषि विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों ने माना कि स्वाद और गुणवत्ता के मामले में बस्तर के आम राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी प्रतिस्पर्धा पेश कर सकते हैं.
प्रशासन अब आने वाले समय में बस्तर को देश के एक बड़े आम उत्पादक केंद्र के रूप में स्थापित करने की कार्ययोजना पर काम कर रहा है. इसके लिए जैविक प्रमाणन, बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और गुणवत्ता नियंत्रण को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे यहां के किसानों को बड़ा वैश्विक बाजार मिल सके.
इस खास महोत्सव में आम की 200 से अधिक पारंपरिक, हाइब्रिड और बेहद दुर्लभ किस्मों को प्रदर्शित किया गया. प्रतियोगिताओं के दौरान जापान की मशहूर मियाजाकी श्रेणी के आमों में सरगुजा जिले ने बाजी मारते हुए पहला स्थान हासिल किया.
वहीं, नंदीराम किस्म की श्रेणी में जगदलपुर उद्यानिकी महाविद्यालय अव्वल रहा. इसके अलावा, देशी आम की श्रेणी में सोनारपाल उद्यानिकी महाविद्यालय को प्रथम पुरस्कार मिला. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों और विशेषज्ञों ने किसानों तथा छात्रों को आधुनिक बागवानी तकनीकों, जैविक खेती और बेहतर विपणन के गुर सिखाए.
महोत्सव के दौरान आम से बनने वाले अलग-अलग उत्पादों की दिलचस्प प्रतियोगिताएं भी हुईं. जगदलपुर उद्यानिकी महाविद्यालय ने आम से तैयार अचार, अमचूर, पना, जैम और मैंगो पल्प जैसे मूल्य वर्धित उत्पादों में पहला स्थान पाया.
कृषि अपशिष्ट के जरिए रोजगार और नवाचार का संदेश देते हुए गोरेला पेंड्रा मरवाही उद्यानिकी महाविद्यालय के छात्रों ने आम की गुठलियों से बनी सजावटी वस्तुओं की बेहतरीन प्रदर्शनी लगाई और प्रथम स्थान हासिल किया.
टोकरी सजावटी प्रतियोगिता में पखांजूर उद्यानिकी महाविद्यालय शीर्ष पर रहा. इस सफल आयोजन के बाद अब अगले संस्करण को और अधिक व्यापक बनाने की तैयारी है, जिसमें देशभर के बड़े खरीदारों, उद्यमियों और निर्यातकों को सीधे बस्तर के किसानों से जोड़ा जाएगा. Symbolic Photo.