बलरामपुर: अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया CGPSC घोटाला मामले में गिरफ्तार
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है. केंद्रीय एजेंसी ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया को गिरफ्तार कर लिया है. राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी बोरघरिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में उनके कार्यालय में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (OSD) के पद पर भी तैनात रह चुके हैं.
ED सूत्रों के अनुसार, रायपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में लंबी पूछताछ के बाद उन्हें प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत हिरासत में लिया गया. अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान अधिकारी गोलमोल जवाब दे रहे थे.
इससे पहले 1 सितंबर को ED ने उनके बलरामपुर और धमतरी स्थित ठिकानों पर छापेमारी भी की थी. एजेंसी अब उन्हें विशेष PMLA अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए कस्टडी रिमांड की मांग करेगी.
इस मामले में ED की यह तीसरी बड़ी गिरफ्तारी है. इससे पहले CGPSC के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक के रिश्तेदार उत्कर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार किया जा चुका है.
आरोप है कि वर्ष 2020 और 2021 की CGPSC परीक्षाओं के दौरान पेपर लीक और धांधली के जरिए उम्मीदवारों से करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया था. जांच में बोरघरिया के बैंक खातों और डिजिटल उपकरणों से इस घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन के अहम सबूत मिले हैं.